सीएम की घोषणा पूरी होने पर संदेह
राजनांदगांव / डोंगरगढ़. विकासखंड मुख्यालय से 11 किमी दूर स्थित आदिवासी अंचल में बसे ग्राम कोटनापानी पहुंचने के लिए बारिश के दौरान 25 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ता है। शासन ने ग्राम में विकास के लिए इसे पंचायत का दर्जा तो दे दिया किंतु उसके बाद इसकी सुध नहीं ली। पुल निर्माण में देरी के चलते ग्रामीणों ने बैठक की और प्रस्ताव पारित किया कि जब हम मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं और हमें झूठा आश्वासन दिया गया तो अब हम चक्काजाम कर प्रदर्शन करेंगे और आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
सांसद ने की घोषणा पालन अब तक नहीं
गत वर्ष 7 मई को मडिय़ान पहुंचे सांसद अभिषेक सिंह ने ग्रामीणों की समस्या जानने के बाद दो पुल निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा की थी किंतु उस घोषणा को कार्य रूप में परिणित करने कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसे लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में खासा रोष व्याप्त है। सरपंच कुंजबिहारी जंघेल ने बताया कि यह नक्सल प्रभावित गांव है इसलिए जनप्रतिनिधि व अधिकारी आने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने अविलंब मांगों को पूरी करने की चेतावनी भी दी है।
आजादी के ७० साल बाद भी ग्राम कोटनापानी पहुंचने के लिए सड़क निर्माण नहीं हुआ
आजादी के 70 साल बाद भी इस ग्राम में पहुंचने के लिए सड़क का विधिवत निर्माण नहीं हुआ है। डोंगरगढ़ से 8 किमी दूर बसे अंडी ग्राम से मात्र 3 किमी दूर स्थित इस गांव के रास्ते में पडऩे वाले दो नाले इसकी दूरी 25 किमी कर देते हैं। यह बात सांसद को पता चली तो उन्होंने फौरन पुल निर्माण की घोषणा की। ग्रामीण उत्साहित हो गए कि अब उनका गांव भी मुख्यधारा से जुड़ जाएगा किंतु ऐसा हुआ नहीं।
मुख्यमंत्री ने दिया था आश्वासन
घोषणा में अमल के लिए ग्रामीणों ने पहले सांसद से फिर स्वयं जाकर मुख्यमंत्री से अपनी समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आपकी सारी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। 4 मई 2018 को ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, मई, जून, जुलाई तीन माह बाद भी समस्या जस की तस है। थोड़ी सी बारिश में पीटेहर नाले में बाढ़ आ जाने के कारण रास्ता बंद हो जाता है। उस समय सामान्यता पीटेहर से होकर 25 किमी की दूरी तय कर कोटानापानी पहुंचते हैं।
ये है प्रमुख समस्याएं
पुल निर्माण के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा पेयजल विद्युत व सड़क संबंधी मूलभूत समस्याएं इस गांव में विद्यमान है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के माध्यम से कई बार शासन-प्रशासन तक अपनी मांगे रखी हैं किंतु इन सुविधाओं के लिए शासन कोई ध्यान नहीं दे रहा। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से उप स्वास्थ्य केंद्र, पूर्व माध्यमिक शाला व अंडी होकर मार्ग के साथ-साथ पेयजल व 24 घंटे विद्युत प्रदाय करने की मांग की है।