
तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर जंगली सुअर का हमला (Photo AI)
Wild boar attacks: डोंगरगढ़ वन मंडल के दक्षिण बोरतलांव वन परिक्षेत्र में बुधवार सुबह तेंदूपत्ता तोडऩे गए आठ ग्रामीणों पर जंगली सूअर ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में तीन गंभीर सहित कुल आठ लोग घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। हमले में कुहीकोड़ा निवासी अंजनी बाई (75), कोहलाकासा निवासी फूलबाई (42), और मुंगलाणी निवासी खेदूराम (66) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनके अलावा सरस्वती (32), मुरली (37), माधुरी (38), उर्मिला (42) और हेमलता (21) भी चोटिल हुए।
सूअर ने झाडय़िों से निकलकर अचानक हमला किया, जिससे ग्रामीण संभल नहीं पाए। वन विभाग का अमला सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा। घायलों को लाल बहादुर नगर (पथरी) और छुरीया के स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक उपचार दिया गया। हेमलता को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि शेष सात घायलों को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर कर भर्ती कराया गया है। गंभीर घायलों अंजनी बाई, फूलबाई और खेदूराम का इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में जारी है।
वन विभाग ने घायलों को तत्काल राहत राशि प्रदान की है। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर चिंता जताते हुए वन विभाग से सुरक्षा बढ़ाने और नियमित गश्त की मांग की है, जिस पर विभाग ने आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
घटना के बाद कोहलाकसा और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। तेंदूपत्ता सीजन में बड़ी संख्या में लोग जंगलों में पहुंचते हैं, ऐसे में इस तरह की घटना सुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण की मांग की है। हालांकि, घटना को लेकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे लोगों में असमंजस और चिंता बढ़ गई है।
तेंदूपत्ता सीजन के दौरान हर साल हजारों ग्रामीण जंगलों में जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। इस घटना ने वन विभाग की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों में न तो नियमित गश्त होती है और न ही किसी प्रकार की चेतावनी या सुरक्षा मार्गदर्शन दिया जाता है।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जंगल में गश्त बढ़ाई जाए, खतरनाक जानवरों की निगरानी की जाए और तेंदूपत्ता
Published on:
06 May 2026 11:42 am
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