
राजनांदगांव जिला कलेक्टर जितेंद्र यादव ( File Photo - Patrika )
IAS Jitendra Yadav: राजनांदगांव जिले के बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल एक बार फिर अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। दरअसल डॉक्टरों की लापरवाही का खुलासा खुद जिला कलेक्टर जितेंद्र यादव ने किया है। वहीं आधी रात अचानक जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर दर्द से तड़प रहीं दो महिलाओं के लिए फरिश्ते बनकर आए। कलेक्टर ने तुरंत दोनों को वार्ड में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि गायनिक वार्ड में ड्यूटी डॉक्टर के अनुपस्थित रहने से दो गर्भवती महिलाओं की स्थिति बिगड़ती जा रही थी, परिजनों ने इसे लेकर हंगामा भी किया। इधर सूचना मिलते ही कलेक्टर मौके पर अस्पताल पहुंचे और वस्तुस्थिति की जानकारी ली।
देर रात पहुंचे कलेक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, मरीजों को मिल रही सुविधाओं एवं ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की उपस्थिति की जांच की। कलेक्टर ने इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, वार्डों एवं दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण किया। मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार एवं सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल में आम जनता को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
जानकारी अनुसार रविवार को डॉ. एकता डेनियल की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं थीं। इसी दौरान डोंगरगांव और डोंगरगढ़ क्षेत्र से आई दो महिलाओं को प्रसव पीड़ा बढऩे लगी, जबकि एक महिला का प्रसव महतारी एक्सप्रेस में ही हो चुका था, जच्चा-बच्चा को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था, उन्हें भी देखने वाला कोई विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। बिना सूचना दिए ड्यूटी से नदारद रहने पर संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है।
सोशल मीडिया से इस हंगामे की सूचना मिलने पर पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री भी अस्पताल पहुंचे। कहा कि सरकार एक ओर जहां सुशासन को जमीन पर उतारने की बात कह रही, वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में नाकाम भी नजर आ रही। आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी चरम पर है और शासन-प्रशासन का नियंत्रण कमजोर हो गया है।
जिला अस्पताल में कार्यरत कुछ डॉक्टर ओपीडी के बाद सीधे निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में सेवाएं देते हैं। गायनिक डिपार्टमेंट के डॉक्टर भी खुद का क्लीनिक चलाते हैं। इसलिए समय पर नहीं पहुंचने की शिकायत रोज सामने आ रही है।
सिविल सर्जन, डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि रविवार रात को गायनिक वार्ड में ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं थीं। इस संबंध में उन्होंने किसी तरह सूचना भी नहीं दी थी, इसलिए उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ कैडर के 2019 बैच के आईएएस जितेंद्र यादव ने 26 अगस्त 2019 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। फील्ड ट्रेनिंग के लिए उन्हें दुर्ग जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर नियुक्ति मिली। इस दौरान कोविड़ का फेज चल रहा था। फिर वह कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में एसडीएम बने। एसडीएम रहने के दौरान उन्होंने कोरोना वैक्सीनेशन में अच्छा काम किया।
कांकेर के बाद में वे जशपुर जिले के सीईओ बने। जशपुर में उन्होंने नरेगा में दिव्यांग लोगों को रोजगार देने में व शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया। फिर वे रायगढ़ जिला पंचायत के सीईओ बनकर आए। सीईओ रहने के दौरान उनका काम प्रधानमंत्री आवास योजना में सराहनीय है। उनका जिला रायगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना में टॉप 5 जिलों में से एक है।
Updated on:
05 May 2026 04:35 pm
Published on:
05 May 2026 04:29 pm
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