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Parrot Smuggling Case: वन विभाग की टीम पर हमला, तोतों की तस्करी मामले में कई आरोपियों पर FIR

Parrot Smuggling Case: तोतों की अवैध खरीद-फरोख्त के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वन विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम पर हमला हुआ।

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वन विभाग की टीम पर हमला (photo source- Patrika)

वन विभाग की टीम पर हमला (photo source- Patrika)

Parrot Smuggling Case: जगदलपुर में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान हिंसा का गंभीर मामला सामने आया है, जहां तोतों की अवैध खरीद-फरोख्त रोकने पहुंची टीम पर हमला कर दिया गया। इस हमले में फ्लाइंग स्क्वॉड प्रभारी (रेंजर) समेत अन्य कर्मचारियों की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

Parrot Smuggling Case: अवैध तोता तस्करी के खिलाफ पहुंची थी टीम

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को सूचना मिली थी कि संजय मार्केट में नवजात तोता बच्चों की अवैध बिक्री की जा रही है। इस सूचना पर फ्लाइंग स्क्वॉड प्रभारी अक्षय कश्यप अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान टीम ने मौके पर अवैध रूप से तोता बच्चों की बिक्री होते देख कार्रवाई शुरू की, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

विरोध से हिंसा तक पहुंचा मामला

कार्रवाई के दौरान स्थानीय व्यापारियों और कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद बढ़कर हिंसा में बदल गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने रेंजर अक्षय कश्यप को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान टीम के अन्य सदस्य भी हमले की चपेट में आ गए। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस पहुंची, हालात पर पाया काबू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विक्रम मजूमदार और मधुसूदन मजूमदार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, सरकारी कर्मचारी से मारपीट और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। लीलाधर राठौर (थाना प्रभारी) ने बताया कि रेंजर की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

अवैध वन्यजीव नेटवर्क की जांच शुरू

प्राथमिक जांच में यह मामला अवैध वन्यजीव व्यापार से जुड़ा हुआ सामने आया है, जिसमें नवजात तोता बच्चों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। पुलिस और वन विभाग अब संयुक्त रूप से इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।

Parrot Smuggling Case: प्रशासन का सख्त संदेश

घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध वन्यजीव व्यापार और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें जगदलपुर की यह घटना न केवल अवैध वन्यजीव व्यापार की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों की बढ़ती हिम्मत को भी दर्शाती है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क का कितना बड़ा खुलासा करती हैं और दोषियों के खिलाफ कितनी कड़ी कार्रवाई होती है।