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Teak Smuggling: अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी का भंडाफोड़, वन विभाग-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप

Teak Smuggling: सुकमा के किस्ताराम क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी का बड़ा खुलासा किया।

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अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी का भंडाफोड़ (photo source- Patrika)

अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी का भंडाफोड़ (photo source- Patrika)

Teak Smuggling: सुकमा वनमंडल में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। किस्ताराम परिक्षेत्र के अंतर्गत सिंदूरगुड़ा पंचायत क्षेत्र में संचालित एक अवैध आरा मशीन पर छापेमारी कर भारी मात्रा में सागौन लकड़ी जब्त की गई। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई, जिसने लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर बड़ा पर्दाफाश किया है।

Teak Smuggling: अवैध आरा मशीन पर छापा, भारी मात्रा में सागौन जब्त

संयुक्त टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया गया कि वहां सागौन लकड़ी का अवैध प्रसंस्करण किया जा रहा था। मौके से करीब 6.239 घनमीटर सागौन लकड़ी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 7.50 लाख रुपये आंकी गई है। जब्त लकड़ी को विधिवत सील कर पंचनामा तैयार किया गया और वन अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध तस्करी का मुख्य आरोपी तेलंगाना का निवासी है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहकर सागौन की अवैध कटाई, चिरान और तस्करी में शामिल था। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। फिलहाल उसकी तलाश तेज कर दी गई है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

संयुक्त टीम की अहम भूमिका

इस पूरे अभियान का नेतृत्व डीएफओ अक्षय भोंसले के निर्देशन में किया गया। वहीं एसडीओ अशोक भट्ट, रेंजर ईश्वर बघेल और लक्ष्मीनाथ नाग के मार्गदर्शन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कोन्टा, गोलापल्ली और किस्ताराम परिक्षेत्र के वन अमले के साथ पुलिस टीम की संयुक्त मौजूदगी ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया।

विरोध के बीच भी सफल कार्रवाई

छापेमारी के दौरान टीम को स्थानीय स्तर पर विरोध और प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। बावजूद इसके, अधिकारियों ने संयम और सतर्कता बनाए रखते हुए कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह दर्शाता है कि अवैध तस्करी में शामिल तत्वों का नेटवर्क न केवल संगठित है, बल्कि स्थानीय स्तर पर समर्थन भी जुटाने की कोशिश करता है।

आगे की जांच और कार्रवाई

वन विभाग ने जब्त सामग्री का विस्तृत परीक्षण शुरू कर दिया है। साथ ही, फरार आरोपी और उसके सहयोगियों की तलाश के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और दस्तावेजी जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं।

Teak Smuggling: अभियान रहेगा जारी

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुकमा वनमंडल में अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और अन्य वन अपराधों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान जारी रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और गश्त को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

यह कार्रवाई न केवल एक अवैध आरा मशीन के भंडाफोड़ तक सीमित है, बल्कि यह पूरे अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार है। सुकमा जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि वन संपदा की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब नजर इस बात पर है कि फरार आरोपी कब तक पकड़ा जाता है और इस पूरे नेटवर्क का कितना बड़ा खुलासा आगे सामने आता है।