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सागौन की लकड़ी पर बस्तर के हाथ लिख रहे नई पहचान, गांव से ग्लोबल मार्केट तक पहुंची वुडेन कारीगरी

Bastar Wooden Art: बस्तर की वुडेन आर्ट सागौन की लकड़ी पर बारीक नक्काशी के जरिए कारीगरों की जिंदगी बदल रही है। गांवों से निकलकर यह कला अब देश-विदेश में पहचान बना रही है।

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बस्तर की वुडेन आर्ट (photo source- Patrika)

बस्तर की वुडेन आर्ट (photo source- Patrika)

छत्तीसगढ़ के बस्तर की पहचान सिर्फ उसकी प्राकृतिक खूबसूरती या आदिवासी संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के कारीगरों के हाथों में बसती वह कला भी है, जो लकड़ी को जीवंत बना देती है। यह सिर्फ कारीगरी नहीं, बल्कि उन हाथों की कहानी है जो हर दिन अपने हुनर से भविष्य गढ़ रहे हैं। हर नक्काशी में उम्मीद है, हर डिजाइन में संघर्ष और हर तैयार फर्नीचर में एक बेहतर कल की झलक दिखाई देती है।

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