
Chhattisgarh news: राजनांदगांव जिले के बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल में नवजात की मौत के मामले ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। शुरुआती जांच में अस्पताल में संचालित एचएलएल हेल्थ केयर लिमिटेड की लैब सेवा और उपचार प्रक्रिया में भारी लापरवाही सामने आने के बाद दो लैब टेक्नीशियन को तत्काल हटा दिया गया है, जबकि एक कर्मचारी खोमेंद्र कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए बसंतपुर थाना को पत्र भेजा गया है। वहीं ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की भूमिका की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। मामले में कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
टोलागांव निवासी कविता पति नेतू मंडावी को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार रात जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही ऑपरेशन करने की बात कही। आरोप है कि साधारण एचबी जांच की रिपोर्ट देने में लैब ने करीब 18 घंटे लगा दिए। इस दौरान महिला दर्द से तड़पती रही, लेकिन समय पर सिजेरियन नहीं किया गया। सोमवार दोपहर ऑपरेशन हुआ, तब तक गर्भस्थ बच्ची की मौत हो चुकी थी।
जांच में सामने आया कि बच्ची ने गर्भ में गंदा पानी पी लिया था, जिससे मौत हुई। घटना से आक्रोशित युवा कांग्रेस ने मंगलवार को अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया तथा मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
मामले में रात की ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर एकता डेनियल तथा सुबह की ड्यूटी संभालने वाली डॉक्टर भाविका की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। लैब टेक्नीशियन खोमेंद्र कुमार व विक्रम लाड़ेश्वर को हटा दिया गया है। हालांकि इस मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। घटना ने जिला अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं, लैब व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता की पोल खोल दी है।
Rajnandgoan News: इधर, 100 बिस्तर मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में नवजात शिशु की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस के युवाओं ने अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट अभिमन्यु उदय मिश्रा, युवा कांग्रेस नेता संदीप सोनी, हर्ष खोबरागड़े, पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री, एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव राजा यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
अभिमन्यु उदय मिश्रा ने आरोप लगाया कि ब्लड रिपोर्ट आने में देरी के कारण ऑपरेशन समय पर नहीं हो सका, जिससे नवजात की जान चली गई। संदीप सोनी ने कहा कि जिला अस्पताल में लापरवाही की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऋषि शास्त्री ने हत्या बताते हुए कहा कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जबकि हर्ष खोबरागड़े ने स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शन में मयंक शुक्ला, प्रथम हरिहरणो, निमेष देशलहरे, करण साहू, सौरभ, विकास यादव और प्रशांत सिन्हा सहित अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिला सिविल सर्जन, डॉ. महेंद्र प्रसाद ने कहा कि शिशु की गर्भ में ही मौत हो गई थी। मामले की शुरुआत जांच में जांच रिपोर्ट देने में देरी करने वाले लैब टैक्नीशियनों को हटा दिया गया है। डॉक्टरों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल गठित की गई है।