22 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

छत्तीसगढ़ में 10 में से 3 युवा ब्रेन संबंधी बीमारी की चपेट में, रिपोर्ट में खुलासा, सामने आई ये वजह

Chhattisgarh News: प्रदेश के युवाओं में स्ट्रोक और ब्रेन फॉगिंग का खतरा बढ़ रहा है। सामने आए ताजा रिपोर्ट में खुलाासा हुआ है ​कि 10 में से 3 युवा ब्रेन संबंधी बीमारी की चपेट में है..
2 min read
Google source verification
World Brain Day

एआई फोटो

World Brain Day: पीलूराम साहू की रिपोर्ट. प्रदेश में युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। 22 जुलाई को मनाए जाने वाले ‘विश्व ब्रेन दिवस’ के अवसर पर न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरो सर्जनों से बातचीत में खुलासा हुआ कि राज्य के 20 से 40 वर्ष के लगभग 30% (10 में से 3) युवा किसी न किसी प्रकार की ब्रेन संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। पहले जहां स्ट्रोक, माइग्रेन और ब्रेन फॉगिंग जैसी समस्याएं बुजुर्गों या अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थीं, वहीं अब 30 से 45 वर्ष की आयु के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल समेत अन्य निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

Chhattisgarh News: ये 5 मुख्य कारण

अत्यधिक स्क्रीन टाइम: रोजाना 8 से 10 घंटे मोबाइल या लैपटॉप पर बिताना

अधूरी नींद: देर रात तक रील्स देखना और 6 घंटे से कम सोना
लाइफस्टाइल का तनाव: नौकरी, ईएमआई और सोशल मीडिया

असंतुलित खानपान: जंक फूड का अत्यधिक सेवन, पानी कम पीना
नशे की लत: कैफीन, सिगरेट, एनर्जी ड्रिंक्स और शराब का सेवन

स्वस्थ रखने के 5 आसान उपाय

20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
नींद का समय तय करें: रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक की नियमित नींद लें।

भरपूर पानी और सही डाइट: कम से कम 3 लीटर पानी पिएं और नाश्ता न छोड़ें।
तनाव प्रबंधन: सप्ताह में 3 दिन 30 मिनट व्यायाम, मेडिटेशन या दोस्तों से बात करें।

खुद से दवा न लें: डॉक्टर की सलाह के बिना मेडिकल स्टोर से दवा लेने से बचें।

टॉपिक एक्सपर्ट

सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट, डॉ. अभिजीत कोहट ने बताया कि युवाओं में स्ट्रोक और ब्रेन फॉगिंग के मामले तेजी से बढ़ना एक बड़ा अलर्ट है। इसका सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली, तनाव और नशा है। अगर समय रहते आदतों में सुधार नहीं किया गया तो यह समस्या और अधिक गंभीर रूप ले सकती है।

सीनियर न्यूरो सर्जन, डॉ. लवलेश राठौर ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोट (हेड इंजुरी) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने से ब्रेन का फोकस घटता है। बिना हेलमेट बाइक चलाने से होने वाली ब्रेन इंजुरी को ठीक होने में काफी लंबा समय लगता है।