
दाल भात केंद्र (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@हिमांशु शर्मा। Chhattisgarh Dal Bhat Yojan: गरीबों का पेट भरने वाली योजना दम तोड़ चुकी है। रायपुर में संचालित 14 से अधिक दाल-भात केंद्र बीते 7 सालों से अधिक समय से बंद पड़े हैं। एक समय था जब इन केंद्रों से रोजाना हजारों जरूरतमंदों को सिर्फ 5 रुपए में भरपेट दाल, चावल, सब्जी और रोटी मिलती थीं।
रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूर, फुटपाथ पर रहने वाले और बुजुर्ग इन केंद्रों पर सबसे ज्यादा निर्भर थे। केंद्र बंद होने के बाद अब उन्हें 40-50 रुपए में होटल का खाना खरीदना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद होने की कोई आधिकारिक सूचना भी नहीं दी गई। एक दिन अचानक ताले लग गए और उसके बाद केंद्र फिर कभी नहीं खुले।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 14 से अधिक केंद्र संचालित थे। यहां हर माह शहर के डेढ़ लाख से अधिक लोगों को खाना मिलता था। जिसके लिए खाद्य विभाग की ओर से इन दाल-भात सेंटर को चालव, दाल, नमक, चना उपलब्ध कराया जाता था।
केंद्र का नाम - मजदूर वर्ग क्विंटल चावल
पड़ताल- कहीं पोस्टर गायब तो कहीं खुल गया क्लीनिक
कलेक्ट्रेट- कलेक्ट्रेट परिसर में अंदर के गार्डन के सामने केंद्र संचालित था। अब यहां सेवा सेतु केंद्र चल रहा है।
स्टेशन चौक- गुढि़यारी की ओर जाने वाले रास्ते पर केंद्र था। अब किसी लॉ एसोसिएशन का पोस्टर चिपका है।
तेलघानी नाका- ब्रिज के नीचे बिजली ऑफिस के पास केंद्र संचालित था। अब इस जगह पर ट्रांसपोर्ट कंपनी है।
राठौर चौक- इस चौक से लगा हुआ ही हमर अस्पताल है, यहां पास के एक शख्स ने बताया कि सालों पहले इस जगह अस्पताल के पहले दाल-भात केंद्र था।
खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस शासन काल के समय से ही इन दाल-भात केंद्रों को बंद कर दिया गया है। अभी वर्तमान में जेल रोड में जो दाल-भात केंद्र संचालित है, वह निजी है। बाकि शहर के सभी जगह के केंद्र बंद हो चुके है। इसे फिर से खोलने को लेकर चल रहा था, पर अबतक कोई अपडेट नहीं है।
पिछले सात सालों से यह योजना बंद है। शुरू होगी कि नहीं इसे लेकर कोई जानकारी नहीं है। इसे संचालित करने विभाग की ओर से चावल समेत अन्य खाद्य सामाग्री आवंटित की जाती थी। - भूपेंद्र मिश्रा, खाद्य नियंत्रक रायपुर
Updated on:
22 Jul 2026 10:26 am
Published on:
22 Jul 2026 10:25 am
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