
राजनांदगांव/खैरागढ़. नगर के दाऊचौरा वार्ड में अपनी पत्नी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश करने वाले पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी ने सबूत मिटाने शव को आग लगा दी थी। दो साल पुराने इस मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश धनेश्वरी सिदार ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आदेश में कहा गया कि एक पत्नी के रहते आरोपी पवन सारथी द्वारा मृतिका से दूसरा विवाह किया और खाना बनाने के मामूली विवाद पर उसकी डंडे से मारकर हत्या करना जघन्य अपराध है।
पुलिस जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि आरोपी अपराध छुपाने मृत पत्नी के शव पर मिट्टी तेल छिड़ककर उसे आग लगाकर आत्महत्या साबित करने का प्रयास किया था।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश सिदार ने कृत्य को जघन्य अपराध बताते हुए आरोपी पवन सारथी के विरूद्ध आरोपित अपराध धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास और एक हजार का अर्थदंड सहित धारा 201 के तहत सात वर्ष का कारावास और पांच सौ रूपए के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर दोनो धाराओं में क्रमश: 6 और 3 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा दी है।
पहली पत्नी के रहते दूसरा विवाह
घटना 28 मार्च 16 की है, उस दिन दोपहर लगभग तीन बजे दाऊचौरा वार्ड स्थित अपने निवास में आरोपी पवन सारथी का पत्नी अंजली सारथी से खाना बनाने के नाम पर मामूली विवाद हुआ जिससे आक्रोशित आरोपी उसे मारने-पीटने लगा। बचाव की कोशिश में अंजली अपने सौतन के कमरे में चली गई, जहां घुसकर आरोपी पवन ने बांस के डंडे से उस पर प्राणघातक प्रहार किया, जिससे अंजली की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी पवन सारथी ने इसे आत्महत्या का रूप देने अपनी मृत पत्नी के शव पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा दी और थाने में जल जाने की सूचना दी।
पुलिस को करता रहा गुमराह
पुलिस ने अकाल मृत्यु की सूचना दर्ज कर आरोपी पवन सारथी से पूछताछ की, लेकिन वह हत्या के अपराध से बचने पुलिस को गुमराह कर झूठ बोलता रहा। शव परीक्षण में सीने में चोट को लेकर कड़ी पूछताछ में आरोपी पवन ने जुर्म स्वीकार कर हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा जब्त कराया था। न्यायाधीश सिदार की कोर्ट में दो साल के भीतर ही अहम निर्णय लेते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।