
CG RTO Fraud: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के आरटीओ दफ्तर (जिला परिवहन कार्यालय) में दिन प्रतिदिन लूट का अड्डा बनता जा रहा है। बता दे कि लर्निंग लाइसेंस से लेकर वाहन परमिट, रिनवल, रजिस्ट्रेशन, नाम ट्रांसफर व परमेंट लाइसेंस बनवाने विभाग द्वारा निर्धारित फीस से अधिक की वसूली की जा रही है। विभाग की मनमानी वसूली की शिकायत कई बार जिला प्रशासन से की गई है, लेकिन इस पर रोक लगाने में गंभीरता नहीं दिख्राई जा रही है। ऐसे में आम लोगो में आरटीओ के अधिकारियों की मनमानी को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
CG RTO Fraud: आरटीओं दफ्तर में पूरा काम एजेंट के माध्यम से हो रहा है। इन सब कागजात को यदि धोखे से सीधे बनवाने पहुंच गए, तो वहां बुरी तरह फंस जाओगे और दस्तावेज बनवाने का काम अटक जाएगा। इसके बाद आखिरकार आपको एजेंट के शरण में जाना ही पड़ेगा। ये सब खेल कमीशन के चक्कर में हो रहा है।आरटीओ से संबंधित कार्य को यदि सीधे कराने दफ्तर पहुंचने वालों को कई तरह के नियम कानून का हवाला देकर उलझा दिया जाता है। दफ्तर के खिड़कियों में एजेंट सक्रिय रहते हैं। वे काम नहीं होने का पूछताछ करते हैं और फिर पूरे काम का ठेका ले लेते हैं और अधिक रकम में काम कराते है। यदि उनके भी झांसे में नहीं आते हैं, तो नियम कायदे में उलझाकर आपको फेल कर दिया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार आरटीओ दतर में सभी तरह के दस्तावेजों के लिए ऊपर देने कमीशन फिक्स है। यहां पर लाइसेंस के लिए चारपहिया में 500 रुपए, दो पहिया के लिए 300 रुपए, हैवीवाहन के लिए 7500, रिनवल के लिए 100 रुपए, ट्रक रजिट्रेशन कराने पर 4000 रुपए देना पड़ता है। नाम ट्रांसफर में दो पहिया 300 रुपए, चार पहिया 500 रुपए, हैवी वाहन 2000 रुपए देना पड़ता है। वहीं नई गाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिए बाइक 300 रुपए, चार पहिया 500 रुपए देना पड़ता है। यहां पर पदस्थ इंसपेक्टर से लेकर सब इंसपेक्सटर व बाबूओं का भी कमीशन फिक्स है। लाइसेंस बनवाने सीधे जाने वालों से इंस्पेक्टर व सब इस्पेक्टर वाहनों को चला कर ट्रायल लेते हैं और फेल कर देते है। वहीं दलालों के माध्यम से जाने वालों का कोई ट्रायल नहीं लिया जाता। यह सब खेल कमीशन के फेर में चल रहा है।
आरटीओ दतर में किसी भी काम के लिए सीधे जाने वालों से अधिक रकम वसूली की जा रही है तो गलत है। आरटीओ अधिकारी को इस पर संज्ञान लेकर रोक लगाने निर्देशित किया जाएगा। इस मामले में जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे।