राजनंदगांव

CG News: बोर्ड परीक्षा के दौरान 5 घंटे तक रही बिजली गुल, भीषण गर्मी में लोग दिनभर हलाकान हुए

CG News: बिजली कटौती के कारण घरों में कूलर-पंखे बंद रहे, जिससे उमस और गर्मी से लोग बेहाल नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल को लेकर हुई, क्योंकि बिजली नहीं होने से बोरवेल और मोटर पंप नहीं चल सके।

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5 घंटे तक प्रभावित रही सप्लाई (Photo Patrika)

CG News: विद्युत वितरण कंपनी की ओर से मानसून पूर्व मेंटेनेंस कार्य शुरू कर दिया गया है। कंपनी की ओर से जारी शेड्यूल अनुनसार शुक्रवार को टाउन-1 और बल्देवबाग फीडर से जुड़े स्टेशन रोड, सिविल लाइन, टांका पारा, न्यू बस स्टैंड सहित आसपास के क्षेत्रों में काम किया गया।

इस बीच सुबह से दोपहर तक लगभग 5 घंटे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रही, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली कटौती के कारण घरों में कूलर-पंखे बंद रहे, जिससे उमस और गर्मी से लोग बेहाल नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल को लेकर हुई, क्योंकि बिजली नहीं होने से बोरवेल और मोटर पंप नहीं चल सके।

इसके अलावा व्यापारिक क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिला। दुकानें और छोटे व्यवसाय प्रभावित हुए, खासकर वे प्रतिष्ठान जो बिजली पर निर्भर हैं। इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से ऑनलाइन कार्य करने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि इस मेंटेनेंस के दौरान सप्लाई बंद की सूचना विद्युत वितरण कंपनी की ओर से पहले ही दे दी गई थी।

आज इन क्षेत्रों में सप्लाई बंद कर मरम्मत का कार्य होगा

विद्युत कंपनी के अनुसार यह कटौती कैलाश नगर व लालबाग उपकेंद्रों में सुधार और रखरखाव कार्य के चलते की गई। अधिकारियों ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य शहर की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

हालांकि, लोगों ने मांग की है कि गर्मी के मौसम में इस तरह की लंबी कटौती से राहत के उपाय भी किए जाएं। यह मेटेनेंस कार्य 16 अपै्रल तक जारी रहेगी। 11 अप्रैल को टाउन-2 व लालबाग फीडर अंतर्गत रायपुर नाका, लालबाग, सिंधी कॉलोनी, स्टेट बैंक कॉलोनी, स्टेडियम रोड आदि प्रभावित होंगे।

बोर्ड परीक्षा के दौरान बिजली गुल

10 अप्रैल को 12वीं बोर्ड परीक्षा की हिंदी परीक्षा आयोजित थी। इसी दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर तक बिजली गुल रही, जिससे छात्र-छात्राओं को भीषण गर्मी में बिना पंखे के परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ा। परीक्षा कक्षों में उमस और गर्मी के कारण छात्र पसीने से तर-बतर हालत में उत्तर लिखते नजर आए।

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि किसी भी केंद्र पर वैकल्पिक व्यवस्था- जेनरेटर या इनवर्टर उपलब्ध नहीं थी। पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने इसे प्रशासन की विफलता बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव राजा यादव ने कहा कि परीक्षा जैसे संवेदनशील आयोजन में ऐसी अव्यवस्था छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

Updated on:
11 Apr 2026 04:19 pm
Published on:
11 Apr 2026 04:18 pm
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