
Rajnandgaon Hockey Stadium: संस्कारधानी की हॉकी परंपरा को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खराब हो चुके टर्फ को बदलने का काम शुरू हो गया है। लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से यहां नया एस्ट्रोटर्फ लगाया जा रहा है। इस बार मैदान में बेल्जियम से मंगाया गया नीले रंग का टर्फ बिछाया जाएगा। नए टर्फ की सौगात मिलने से पिछले दो साल से टल रहे अखिल भारतीय हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन की उम्मीद भी बढ़ गई है। इससे हॉकी खिलाडि़य़ों और खेल प्रेमियों में उत्साह है।
स्टेडियम में टर्फ बदलने का काम गैलेंट स्पोर्ट्स एंड इंफ्रा लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। इसके तहत मैदान में लगे पुराने टर्फ को हटाने के बाद डामर की परत बिछाई जा रही है। इसके ऊपर काले रबर की परत तैयार की जाएगी। इसके बाद नीले रंग का नया एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद मैदान खिलाडिय़ों के लिए नए स्वरूप में तैयार होगा।
एस्ट्रोटर्फ की मैन्युफैक्चरिंग देश में नहीं होने के कारण बेल्जियम की कंपनी को ऑर्डर दिया गया है। विदेश से टर्फ आने में समय लग रहा है। ठेका कंपनी फिलहाल इसकी आपूर्ति का इंतजार कर रही है। अनुमान है कि टर्फ आने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। ऐसे में मैदान को पूरी तरह तैयार होने में अभी कुछ और वक्त लगेगा।
जितेन्द्र यादव, कलेक्टर राजनांदगांव के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में टर्फ लगाने की तैयारी है। निर्माण एजेंसी की ओर से टर्फ का ऑर्डर दिया गया है। ब्लू कलर का टर्फ लगने के बाद खेल गतिविधियां बढ़ेंगी। नर्सरी में नए पौध तैयार होंगे।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का खराब टर्फ पिछले दो वर्षों से अखिल भारतीय हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन में बाधा बना हुआ है। मैदान की सतह खराब होने के कारण देश की नामी हॉकी टीमें यहां खेलने से इनकार करती रही हैं। इसके चलते शहर की खेल परंपरा से जुड़ा यह प्रतिष्ठित आयोजन लगातार टलता रहा। अब नए टर्फ के साथ टूर्नामेंट की वापसी की संभावनाएं बढ़ी हैं।
जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने कहा कि नए टर्फ की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अब काम शुरू होने से खिलाडिय़ों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया टर्फ लगने के बाद अखिल भारतीय हॉकी टूर्नामेंट भी आयोजित किया जा सकेगा।