
राजनांदगांव. मां की सेवा में संक्रमित (Coronavirus in chhattisgarh) हुई बेटी कोरोना जंग जीतकर दूसरों के लिए प्रेरणा की स्त्रोत बनी है। राजनांदगांव शहर की जमात पारा निवासी आस्था यादव ने बेटा बनकर अपना फर्ज निभाया है और परिवार को संभाला है। बेटी भी श्रवण कुमार से कम नहीं होती है। इस बात को चरितार्थ किया है। राजनांदगांव शहर की जमात पारा निवासी सुनीता यादव की सुपुत्री आस्था यादव ने उन्होंने न केवल कोरोना को हराया, बल्कि अपनी मां को भी संक्रमण के दौरान हौसला बढ़ाते हुए सेवा की और कोरोना से जीत दिलाई है।
बेटी ने निभाया फर्ज
बीते एक महीने पहले सुनीता यादव कोरोना से संक्रमित हो गई थी। इसके बाद अपने आपको होम आइसोलेशन में रखकर कोरोना को मत दी है। संक्रमण के दौरान उनकी देखभाल करने कोई आगे नहीं आया, परंतु बेटी आस्था ने बेटा बन कर फर्ज निभाया। उसने मां की सेवा की और मां को कोरोना बीमारी से निजात दिलाई। हालांकि मां की सेवा करते हुए आस्था भी कोरोना संक्रमित हो गई थी। कोरोना की जंग जीत चुकी सुनीता यादव ने अपने बेटी के सेवा से बेहद गदगद है और कहती है कि भगवान आस्था की तरह हर किसी के घर बेटी दे।
काम मुश्किल नहीं
सुनीता यादव गृहिणी हैं और मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पति शासकीय कर्मचारी हैं, लेकिन वे भी ज्यादातर बीमार रहते हैं। आस्था कहती हैं कि जब मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है। जब वह खुद भी संक्रमित हो गई तो भी अपना हौसला नहीं खोया और कोरोना को मात दी है। कोरोना का जंग जीत सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनी आस्था यादव ने लोगों को कोविड-19 के नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने मास्क लगाने, दो गज की दूरी का पालन करने कहा है। इसी तरह लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की अपील की है।