Chhattisgarh Religious Conversion Case: राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव क्षेत्र स्थित पथरी गांव में कथित जबरन धर्म परिवर्तन और जमीन कब्जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
Religious Conversion Case: राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव क्षेत्र स्थित पथरी गांव निवासी सांवत राम बंजारे ने एक धार्मिक संस्था पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने, जमीन कब्जाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को राजनांदगांव में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने पूरे मामले का खुलासा करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित सांवत राम बंजारे ने बताया कि वर्ष 1996 में उनकी पत्नी गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। इलाज के दौरान उनका संपर्क इंडियन फुल गोस्पल मिशन नामक संस्था से हुआ। संस्था से जुड़े लोगों ने उनकी आर्थिक और सामाजिक मदद करने का भरोसा दिलाया और दावा किया कि उनकी पत्नी प्रभु ईशु की कृपा से स्वस्थ हुई हैं। इसके बाद उन पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
सांवत राम बंजारे ने प्रेसवार्ता में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि संस्था से जुड़े लोगों ने उनकी पत्नी को जबरन गौमांस खिलाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ ही मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। बंजारे का आरोप है कि संस्था के प्रभाव में आने के बाद उनके परिवार को सामाजिक रूप से भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि संस्था से जुड़े लोगों ने गांव की लगभग 10 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया और वहां प्रार्थना भवन का निर्माण करा दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में स्थानीय स्तर पर शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सांवत राम बंजारे के मुताबिक, वर्ष 2021 से उन्होंने संस्था की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की। इस दौरान उन्हें कथित फर्जीवाड़ा, जमीन हड़पने और लोगों पर दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने जैसे कई मामले सामने आए। उनका दावा है कि संस्था लंबे समय से ग्रामीणों को अपने प्रभाव में लेकर काम कर रही है।
प्रेसवार्ता के दौरान बंजारे ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन या संबंधित संस्था की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।