राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग, स्टेशन पारा ओवरब्रिज में शुक्रवार को एक बाइक सवार ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया।
राजनांदगांव/गंडई. राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग, स्टेशन पारा ओवरब्रिज में शुक्रवार को एक बाइक सवार ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। घटना में नीचे गिरने पर बाइक सवार को गंभीर चोटे आई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद सड़क के दोनों ओर गाडिय़ां जाम हो गई थी। पुलिस मौके पर पहुंच कर व्यवस्था दुरुस्त की।
कर रहा था ओवरटेक
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शहर के वार्ड नंबर 8 चिखली निवासी 21 वर्षीय पीयूष पिता प्रीतम साहू शुक्रवार को अपने बाइक में शहर में बाजार आ रहा था। रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज में ट्रक क्रमांक सीजी 04 एलसी 2758 को ओवरटेक करते समय बाइक ट्रक से टकरा गया और पीयूष नीचे गिर गया। घटना में पीयूष ट्रक के पहिया के नीचे आ गया और सिर में गंभीर चोट आने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क पर लगा था जाम
बीच सड़क में हुई घटना की वजह से दोनों ओर गाडिय़ां जाम हो गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाने वाहनों को पार किया। चिखली चौकी पुलिस ट्रक को कब्जे में लेकर चालक के खिलाफ दारा 279, 304 ए के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में जुटी है। वहीं मृतक का पोस्टमार्टम कर शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।
गाय से टकराया बाइक सवार
इधर नगर के कवर्धा रोड सुरही नदी पुलिया पर सड़क पर बैठी गाय से टकरा कर बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुआ है। वहीं बाइक की ठोकर से गाय की तुरंत ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल बाइक सवार लालपुर निवासी गणेश पिता श्याम रतन पटेल (27) को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
सिर पर गंभीर चोट होने के कारण देर रात तक घायल युवक बेहोशी के हालत में था। घटना शुक्रवार शाम ४.३० बजे की बताई जा रही है। मिली जानकारी अनुसार घायल युवक लालपुर से गंडई की ओर आ रहा था। तभी वह सड़क पर बैठी गाय को देख नहीं पाया और उससे टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाय की तुरंत ही मौत हो गई। वहीं गणेश के सिर पर गंभीर चोट आई। उसे तत्काल गंडई अस्पताल ले जाया गया।
सड़क पर बैठ रहे आवारा मवेशियों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। इसके बाद भी पशुपालक मवेशियों को सड़क पर छोड़ रहे हैं। हाल ही में पत्रिका ने सड़क पर मवेशियों के बैठ होने से दुर्घटनाओं को लेकर खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद भी पशुपालक जागरुकता नहीं दिखा रहे। जबकि पशुओं की मौत या चोटिल होने पर वाहन चालकों से मुआवजे की मांग लेकर सड़क पर हंगामा करते हैं।