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हैकर्स की नजर एजुकेटेड वीमंस पर, एक गलती और खाते से पार हो गए 92 हजार रुपए, तरीका जानकार रह जाएंगे हैरान

प्रॉब्लम जानने पर हैकर्स ग्राहक के नेट बैंकिंग का लॉगिन आइडी और पासवर्ड हासिल कर उनके खाते से रकम पार कर देते हैं।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Aug 18, 2018

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हैकर्स की नजर एजुकेटेड वीमंस पर, एक गलती और खाते से पार हो गए 92 हजार रुपए, तरीका जानकार रह जाएंगे हैरान

भिलाई. लोगों से एटीएम पिन नंबर और पासवर्ड मांगकर ठगी करना आम बात है। हैकर्स अब नया प्रयोग कर रहे हैं। वे खुद को पर्सनल बैंकर होने का दावा करते हुए लोगों को फोन करते हैं। उन्हें बैंक का प्रतिनिधि बताकर कोई भी समस्या के लिए कॉल करने का आग्रह करते हैं। छोटी-मोटी समस्या आने पर लोग उन्हें फोन भी कर देते हैं।

खाते से कर देते हैं रकम पार
प्रॉब्लम जानने पर हैकर्स ग्राहक के नेट बैंकिंग का लॉगिन आइडी और पासवर्ड हासिल कर उनके खाते से रकम पार कर देते हैं। हालांकि अभी पर्सनल बैंकर से ठगी से कोई शिकायत नहीं आई है, एटीएम ब्लॉक होने का झांसा देकर खाते से रकम पार होने के कई मामले सामने आए हैं। हैकर्स अब कामकाजी व एजुकेटेड महिलाओं को टारगेट कर रहे हैं।

60 हजार कर दिया खाते से पार
सेक्टर-1 निवासी एक वकील की पत्नी के पास किसी ने खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए दस्तावेज जमा न होने की बात कहता है और एटीएम ब्लॉक होने का झांसा देता है। महिला को जरा भी शक नहीं होता कि संबंधित व्यक्ति ठग है। वह उसे एटीएम का डिटेल दे देती है और उसके खाते से छह बार में ६० हजार रकम पार हो गई।

92 हजार की शॉपिंग
नेहरू नगर निवासी एक महिला डॉक्टर जो स्त्री रोग विशेषज्ञ है। उनके पास फोन आया कि हाइटेक ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। कार्ड में चिप लगाई जा रही है। महिला झांसे में आ गई कार्ड की डिटेल और तीन दिन तक ओटीपी देती रहीं। ठग ने तीन दिन ऑनलाइन शॉपिंग की और कुल ९२ हजार खाते से खर्च कर दिए।

30 हजार की ठगी
शासकीय कॉलेज की डॉक्टर एटीएम फ्रॉड का शिकार हो गई। ठग ने उसके एटीएम का क्लोन तैयार किया और उसके खाते से 30 हजार पार कर दिए। जब महिला पासबुक अपडेट कराने गई तब उसे पता चला। महिला माना कैंप में रहती है, मामला मौदहापारा थाने में दर्ज किया गया है।

लैडलाइन से करते हैं फोन
लैंडलाइन से फोन पर किसी को शक भी नहीं होता। फोन की सेटिंग एेसी होती है कि रिंग जाते ही फोन तो उठ जाता है लेकिन रिंग हैकर्स के मोबाइल पर बजती है। ग्राहक इस बात को समझ नहीं पाते। लॉगिन आइडी याद नहीं रहने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पूछा जाता है। इसके जरिए वे अकाउंट तक पहुंचते हैं और ओटीपी मांग कर रकम उड़ा लेते हैं।

बरते ये सावधानियां
0 कोई भी आपको फोन पर कहे कि एटीएम ब्लॉक होने वाला है, अपडेट करने के लिए डिटेल मांगे तो फोन काट दें। याद रखें कोई भी बैंक आपसे कभी एेसी जानकारी नहीं मांगता।
0 कोई आपको अपना पर्सनल बैंकर बताए और समस्या होने पर संपर्क करने की बात कहे तो इसे सिरे से नकार दें। कोई भी बैंक इस तरह के पर्सनल बैंकर नहीं रखता।
0 नए एटीएम और डेबिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं तो अपना नया और वर्तमान पता ही दें। ताकि कार्ड सही पते पर ही आए किसी और के पास नहीं। जब एक बार कार्ड आपको मिल जाए तो अपने कार्ड के पीछे अपने हस्ताक्षर भी कर लें।
0 अक्सर ऐसा होता है कि कई सालों से चलने वाले एटीएम का पासवर्ड भी वही पुराना ही होता है। जिसे हैक करना थोड़ा आसान होता है। अगर हैक नहीं हुआ है तो कोई और भी इसे पता करके इसका मिस यूज कर सकता है। इसलिए समय-समय पर अपना एटीएम पिन बदलते रहना चाहिए।
0 किसी भी असुरक्षित वेबसाइट पर पर्सनल डिटेल जैसे कि अकाउंट नंबर, एटीएम पिन नंबर आदि मांगा जाता है। तो आप ऐसी जानकारी देन से बचें।
0 अपने अकाउंट से संबंधित स्टेटमेंट समय-समय पर चेक करते रहें ताकि अगर कोई अन-ऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन हुआ है तो आपको इसकी जानकारी मिल जाए। अगर आपका एटीएम खो जाता है या चोरी हो जाता है तो तुरंत ही बैंक को इंफॉर्म करें ताकि आपका डेबिट कार्ड ब्लॉक हो जाए।
0 अगर आपका एटीएम खो जाता है या चोरी हो जाता है तो तुरंत ही बैंक को इंफॉर्म करें ताकि आपका डेबिट कार्ड ब्लॉक हो जाए।