
Chhattisgarh News: गंडई पंडरिया। सांप को कोई मार न दे, इसलिए हर हाल में रेस्क्यू कर सांप को खोज निकालते हैं और उसे सुरक्षित जगह पर छोड़ आते हैं। 45 वर्षीय यूगल ने बताया कि उसे 11 वर्ष की आयु में एक जहरीले सांप ने डसा था। हथेली 6 इंच सूज गई थी लेकिन कुछ दिन के बाद ठीक हो गया। कई बार सांप को डंडे से मारते हुए देख चुके हैं। यह नजारा दिल को कचोट जाता है।
युगल ने बताया कि उनके साथ तीन और सर्प मित्र हैं। सुमन सिंह ठाकुर, जीतू ताम्रकार, अमर यादव ने बताया कि अब तक बिलासपुर, मुंगेली, पंडरिया, कवर्धा, धमधा सहित आसपास के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में पैलीमेटा, जंगलपुर, धोधा, थंडार, हनईबन, ठाकुरटोला, अचानकपुर, कृतबांस, भूरभुसी, गोकना, बूढ़ासागर, जीराटोला जैसे कई सैकड़ों गांव जाकर सर्प पकड़ चुके हैं। बताया कि सबसे ज्यादा सर्प उमस के मौसम में निकलते हैं।
सर्प पकड़ने के लिए लोहे की 6 फीट लंबी बनी हुई लोहे की संसी (कैंची) का इस्तेमाल करते हैं। बताया कि सांप के पकड़ने पर स्वेच्छा से जो कुछ दे देते हैं, उसे रख लेते हैं अपनी ओर से कोई मोल नहीं करते। बताया कि आजकल लोगों में जागरुकता बढ़ी है। इसीलिए लोग (cg news) सांपों को नहीं मारते बल्कि उन्हें बुला लेते हैं। हर सांप जहरीले भी नहीं होते। इसीलिए घबराना नहीं चाहिए। घर पर सांप निकल आए तो सावधानी बरती चाहिए।
सुरक्षित छोड़ा
युगल ने आगे बताया की सर्प पकड़ने के लिए वन विभाग के अलावा पुलिस के 112 वाहन में तैनात कर्मचारियों की सबसे ज्यादा कॉल आते हैं। ज्ञात हो की यूगल नगर पंचायत गंडई में 1 जनवरी 2005 से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा युगल के पास इलेक्ट्रिकल के मैकेनिक का भी हुनर है।
गुरुवार को कन्हैया पिता मेघनाथ साहू भूरभुसी वार्ड 14 माजराटोला के घर पर सुबह 10 बजे आलमारी के पास जहरीला सांप देखा गया। डायल 112 को भी (snake news) संपर्क किए लेकिन कोई नहीं आया तो सर्प मित्र युगल से संपर्क किया। युगल ने सर्प को पकड़कर प्राकृतिक स्थल पर सुरक्षित छोड़ा।