राजनंदगांव

तेंदुपत्ता संग्रहण के दो सौ मजदूरों को दो माह से नहीं मिल पाई है मजदूरी, अधिकारियों का लगा रहे चक्कर

ठेकेदारों ने नहीं दिखाई रूचि, तो विभाग ने कराया है संग्रहण कार्य

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तेंदुपत्ता संग्रहण के दो सौ मजदूरों को दो माह से नहीं मिल पाई है मजदूरी, अधिकारियों का लगा रहे चक्कर

राजनांदगांव / खैरागढ़. वन विभाग द्वारा दो माह पहले कराए गए तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य में वनवासी मजदूरों को अब तक मजदूरी का भुगतान नही हो पाया है। दो सौ से अधिक मजदूरों का लगभग दस लाख रूपये से अधिक का मजदूरी भुगतान दो माह से अटका हुआ है। विभागीय अधिकारियों के बाद मजदूरी भुगतान के लिए ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के चक्कर भी लगा चुके है। लेकिन राशि नही आने से मजदूरों की समस्या का हल नही निकल पाया है।

विभाग ने कराया है संग्रहण
खैरागढ़ वनविभाग द्वारा हर साल कराए जाने वाले तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य को इस साल ठेकेदारों ने झटका दे दिया। आधी से ज्यादा समितियों के लिए ठेकेदारों ने हाथ ही नही डाले। तीन बार से अधिक टेंडर प्रक्रिया के बाद भी संग्रहण कार्य में ठेकेदारों द्वारा रूचि नही दिखाए जाने के बाद संग्रहण कार्य इस बार विभागीय तौर पर ही करना पड़ा। जिसके कारण भुगतान सहित मजदूरों द्वारा कराए जाने वाले कार्यो के भुगतान की परेशानी सामने आई। तेंदुपत्ता संग्रहण का ही भुगतान विभाग ने लेदेकर किया है लेकिन संग्रहण के बाद तेंदुपत्ता भंडारण और अस्थाई परिवहन के लिए कराए गए कार्यो का भुगतान नही हो पाया है।

चार गोदामों में हुआ संग्रहण
वनविभाग ने तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य निपटाने के बाद पत्तों को सुरक्षित रखने अपने शासकीय गोदामों का सहारा लिया। विभाग के पास वनमंडल इलाके में खैरागढ़ के पिपरिया, डोंगरगढ़, गंडई और ठेलकाडीह में चार भंडार गोदाम है। संग्रहण किए गए तेंदुपत्ता को गोदाम तक पहुँचाने सभी समितियों में लगभग दो सौ से अधिक मजदूरों ने मजदूरी की। हर गोदाम में लगभग चालीस से पचास मजदूरों ने कार्य किया। संग्रहण कार्य पूर्ण होने के बाद जून के पहले पखवाड़े में ही संग्रहण सहित अन्य कार्य पूर्ण कर लिया गया था। लेकिन दो माह निपटने के बाद भी मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नही हो पाया है।

संग्रहण के लिए फंड से जूझ रहा विभाग
तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य विभागीय रूप से होने के कारण वनविभाग के पास इस बार फंड की काफी दिक्कत रही। संग्रहण कार्य में ठेकेदारों द्वारा ज्यादा रेट दिए जाने के कारण वनविभाग को मजदूरी दर बढ़ाए जाने काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई समितियों में संग्रहण कार्य के दौरान होने वाली मजदूरी के लिए ही विभागीय अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ी। लेदेकर संग्रहण कार्य पूर्ण होने के बाद बाकी कार्यो के लिए भी विभाग को राशि नही मिल पाई है। जिसके कारण मजदूरों को रोजाना अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नही हो पा रहा है।

भुगतान के राशि नहीं मिली है
उप प्रबंध संचालक वनोपज युनियन खैरागढ़, योगेश पांडे का कहना है कि संग्रहण कार्य पूर्ण कराने के बाद भंडारण सहित अस्थाई परिवहन कार्य की मजदूरी भुगतान की राशि के लिए उच्च कार्यालय को पत्र लिखा गया है। राशि नही मिली है, राशि आने के बाद इसका भुगतान किया जाएगा।

Published on:
21 Aug 2018 11:19 am
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