राजसमंद. हाथ में पेन, चेहरे पर हल्की घबराहट और मन में कुछ कर दिखाने का उत्साह—रविवार को जिले के कई परीक्षा केन्द्रों पर ऐसा ही प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला। उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित बेसिक साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा–2026 के दूसरे चरण में हजारों नवसाक्षर पहली बार परीक्षा देने पहुंचे। खास बात यह […]
राजसमंद. हाथ में पेन, चेहरे पर हल्की घबराहट और मन में कुछ कर दिखाने का उत्साह—रविवार को जिले के कई परीक्षा केन्द्रों पर ऐसा ही प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला। उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित बेसिक साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा–2026 के दूसरे चरण में हजारों नवसाक्षर पहली बार परीक्षा देने पहुंचे। खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर यह साबित किया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
जिले में यह परीक्षा 438 केन्द्रों पर आयोजित हुई, जिसमें 6457 पुरुष और 16171 महिलाएं सहित कुल 22,628 नवसाक्षरों ने भाग लिया। कई महिलाओं के लिए यह जीवन की पहली परीक्षा थी। कुछ केन्द्रों पर महिलाएं मुस्कुराते हुए कहती नजर आईं कि अब वे खुद अपना नाम लिख सकती हैं, मोबाइल पढ़ सकती हैं और बच्चों की पढ़ाई में भी मदद कर पाएंगी। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली और सभी केन्द्रों पर शांतिपूर्ण व व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। इस परीक्षा के माध्यम से नवसाक्षरों की पढ़ने, लिखने और गणना करने की क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है। साक्षरता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा।
परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए साक्षरता विभाग जयपुर से सहायक निदेशक योगेश उपाध्याय और जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र गुर्जर ने खमनौर ब्लॉक के राउमावि टांटोल और देलवाड़ा ब्लॉक के राउप्रावि ओड़न केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सहायक परियोजना अधिकारी शंकरलाल माली और ब्लॉक समन्वयक मनोज सोलिया भी मौजूद रहे।
देवगढ़ ब्लॉक में भी साक्षरता की यह मुहिम उत्साह के साथ आगे बढ़ती दिखी। यहां दौलपुरा, ईशरमंड, जीरण, मियाला, नराणा, नरदास का गुड़ा, सांगावास, सोहनगढ़, स्वादड़ी ताल और विजयपुरा सहित 11 पीईईओ केन्द्रों पर परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 2400 नवसाक्षरों ने भाग लिया। ब्लॉक समन्वयक नारायणसिंह काछबली ने बताया कि सभी नवसाक्षरों का एनआईएलपी पोर्टल पर पंजीकरण किया जा चुका है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए ब्लॉक परीक्षा कंट्रोल रूम में आरपी दीपेश कुमार, लक्ष्मीलाल और राहुल शर्मा को जिम्मेदारी दी गई, जबकि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दयानंद ने नोडल अधिकारी की भूमिका निभाई। साक्षरता कार्यक्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि यह परीक्षा सिर्फ अंक पाने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों की कहानी है। कई नवसाक्षरों के लिए यह दिन उनके जीवन का ऐसा पल बन गया, जब उन्होंने पहली बार कलम से अपने सपनों को लिखने की कोशिश की।