
रेलमगरा. सांसद आदर्श ग्राम पंचायत बामनिया कलां में बनास नदी किनारे विकसित किए जा रहे उपवन की करीब 98 लाख 26 हजार रुपए की लागत से स्वीकृत सुरक्षा दीवार का शिलान्यास क्षेत्रिय सांसद हरिओमसिंह राठौड़ ने किया।
मुख्य अतिथि सांसद राठौड़ ने उपवन परिसर में कल्प वृक्ष के जोड़े का रोपण करके किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में कहीं भी कन्या का जन्म हो तो उसके परिजनों द्वारा इस उपवन में पौधरोपण किया जाए। उस कन्या के बड़ी होने के साथ परिसर में बढऩे वाला यह पौधा परिवार को खुशहाली प्रदान करेगा। साथ ही लगातार चलने वाली इस प्रक्रिया से पर्यावरण के क्षेत्र में यह एक अहम कदम साबित होगा। सरपंच कैलाश देवी कुमावत ने इस अभियान में ग्रामीणों को सहयोग करने का आह्वान किया।
इस दौरान जिला परिषद सदस्य नंदलाल सिंघवी, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गोविन्दलाल सोनी, मण्डल अध्यक्ष बोथलाल जाट, उपसरपंच बालुराम कुमावत, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, प्रेमराज कुमावत, जगदीशचंद्र मालीवाल, रमेशचंद्र मालीवाल, हीरालाल व्यास, बंशीलाल कुमावत, कैलाशचंद्र टेलर, किशनलाल सालवी, पूरणमल कुमावत, जगदीशचंद्र गाडरी, देवकिशन कुमावत मौजूद थे।
विद्यालय में सरस्वती प्रतिमा की प्रतिष्ठा
रेलमगरा. क्षेत्र के पनोतिया गांव स्थित राजकीय आदर्श उमावि में शारीरिक शिक्षक पन्नालाल गाडरी की ओर से करीब डेढ़ लाख की लागत से सरस्वती प्रतिमा की प्रतिष्ठा वैदिक विधान के साथ की गई। इस दौरान हवन-पूजा की गई। कार्यक्रम में संस्था प्रधान उषा नागर, सरपंच रेखा सामर, समाजसेवी विनोद सामर, चंद्रप्रकाश सामर, जगदीशचंद्र माली, उदयराम गाडरी आदि उपस्थित थे।
सूरजबारी माताजी मंदिर परिसर में बनेगी वैरागी समाज की धर्मशाला
रेलमगरा (एस.). अखिल भारतीय वैष्णव वैरागी युवा परिषद रेलमगरा की बैठक सूरजबारी माता मंदिर परिसर स्थित गाडरी समाज की सराय में शनिवार को हुई। मुख्य अतिथि प्रदेशाध्यक्ष अशोक कुमार वैष्णव थे व अध्यक्षता परिषद के उपखंड अध्यक्ष राधेश्याम वैष्णव ने की। संरक्षक मांगीदास विशिष्ट अतिथि थे। इसमें उपस्थित पदाधिकारियों ने सूरजबारी माता मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव रखे। इन पर चर्चा के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही इसके लिए जिम्मेदारी भी सौंपी गई। वहीं, भामाशाह मांगीदास ने पत्नी स्व. मंजू देवी की स्मृति में एक कमरे का निर्माण व जगदीश वैष्णव ने पिता स्व. मुरलीदास की स्मृति में 600 बोरी सीमेंट का सहयोग करने की घोषणा की। इसके साथ ही अगली बैठक 30 सितंबर को इसी धर्मशाला में आयोजित करने का निर्णय लिया। इस दौरान कमलेश, राजेंद्र, दिलीप, कन्हैयालाल, किशनलाल, दिनेशचंद्र एवं बजरंग वैष्णव उपस्थित थे।