राजस्थान पत्रिका की खबर के बाद नगरपरिषद की सख्ती पर वापस स्थायी जगह लौट आई अन्नपूर्णा रसोईघर वेन
राजसमंद. शहरी क्षेत्र में बुधवार सुबह से ही अन्नपूर्णा रसोईघर मोबाइल वेन निर्धारित जगह पर खड़ी रहने से गरीब तबके के लोगों के चेहरे खिल उठे। सुबह नाश्ता किया और बाद में दोनों वक्त का भोजन भी किया। नगर पषिद की सख्ती के बाद जीवन सम्बल चेरिटेबल ट्रस्ट ने सभी पांच वेन का स्थायी स्टैंड कर दिया है। राजस्थान पत्रिका के 28 दिसम्बर के अंक में ‘एनिकट में फेंकी गरीबों के हिस्से की रोटियां...’ व ‘पहले ललचाया, फिर छीना निवाला...’ शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर अन्नपूर्णा रसोईघर योजना के क्रियान्वयन में बरती जा रही लापरवाही का खुलासा किया। इस पर नगरपरिषद सभापति सुरेश पालीवाल ने गंभीरता लेते हुए मोबाइल वेन की मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारियों और जीवन सम्बल चेरिटेबल ट्रस्ट के कार्मिकों को भी सख्त निर्देश दिए। सभापति पालीवाल ने पाबंद कर दिया कि राजसमंद शहर की सभी अन्नपूर्णा रसोईघर की मोबाइल वेन तय स्थल पर ही खड़ी रहेगी, ताकि श्रमिक, ठेला चालक, ऑटो चालकों के साथ ही अन्य गरीब तबके के लोगों को नाश्ते व खाने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़े। मुखर्जी चौराहा, कमला नेहरु अस्पताल, धोइंदा, फव्वारा चौक राजनगर व हाउसिंग बोर्ड में निर्धारित जगह पर मोबाइल वेन खड़ी हो गई, जिससे आस पास के क्षेत्र में गरीब तबके लोगों के चेहरे खिल उठे। नाश्ते व खाने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई।
कार्मिकों को जारी किया नोटिस
नगरपषिद की अनुमति के बिना तय जगह से अन्नपूर्णा रसोईघर योजना की वेन बदलने को लेकर ट्रस्ट के कार्मिकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद नगरपरिषद आयुक्त ब्रजेश रॉय ने योजना के सुपरवाइजर को भी तलब कर लिया। साथ ही बिना अनुमति जगह बदलने को लेक जवाब मांगा।
तो कैसे हो रही है मॉनिटरिंग
अन्नपूर्णा रसोईघर योजना की मॉनिटरिंग के लिए नगरपरिषद द्वारा कनिष्ठ अभियंता को प्रभारी बनाया है। जब 10 दिन से रसोईघर वेन तय जगह पर नहीं है, तो फिर कनिष्ठ अभियंता द्वारा किस तरह से मॉनिटरिंग की जा रही है। नगरपरिषद की मॉनिटरिंग व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है। खास बात यह है कि बदलाव की इस व्यवस्था से सभापति तक अनजान थे।
कार्मिकों को जारी किया नोटिस
तय जगह पर अन्नपूर्णा रसोईघर मोबाइल वेन खड़ी करवा दी। साथ ही मॉनिटरिंग करने वाले कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही पाबंद कर दिया कि नगरपरिषद की बिना अनुमति के अब कभी भी मोबाइल वेन की लोकेशन नहीं बदली जाएगी।
सुरेश पालीवाल, सभापति नगरपरिषद राजसमंद