यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की बेपरवाही
राजसमंद. यातायात पुलिस की अनदेखी से शहर में ऑटो संचालन नियमों को ताक पर रखकर हो रहा है। यहां उलटा साइड में सवारी बैठाना, ओवरलोड, वर्दी नहीं पहनने जैसे कई नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यातायात के रखवालों की यह लापरवाही आमजन को महंगी पड़ सकती है। ऐसे में सवाल यह है कि किसी अनहोनी पर जिम्मेदार कौन होगा?
नियमों की सरेआम धज्जियां
शहर में ६५ फीसदी ऑटो चालक यातायात के नियमों का पालन नहीं करते है। चालक नियमानुसार वर्दी नहीं पहनते, सभी चालकों के पास लाइसेंस और परमिट नहीं है। यातायात पुलिस की सख्ती नहीं होने से, ये चालक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
महत्वपूर्ण सूचनाएं अंकित नहीं
नियमानुसार कई महत्वपूर्ण सूचनाएं ऑटो पर अंकित होनी चाहिए। जिसमें पुलिस कन्ट्रोल रूम के नम्बर, ताकि किसी भी विपदा पर सवारियों व अन्य को मदद मिल सके। वहीं रेट लिस्ट चस्पा होनी चाहिए ताकि चालक ज्यादा किराया नहीं ले सके। वाहन में प्राथमिक उपचार बॉक्स होना चाहिए। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने जैसे नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
नशेड़ी ड्राइवरों पर लगाम लगाओ साहब!
कुछ दिन पूर्व ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों ने स्वयं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर नशेड़ी ड्राइवरों पर लगाम लगाने की गुहार लगाई थी। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि शहर ऐसे कई ऑटो चालक है, जो नशे में रहकर ऑटो चलाते है। इससे सवारियों की जान को खतरा रहता है। इसके बाद भी जिम्मेदार नशेड़ी ड्राइवरों पर लगाम लगाने में नाकाम रहे हैं।
कार्रवाई की जा रही है...
नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस लगातार चालान बना रही है, फिरभी अगर कोई ऑटो ऐसे चल रहे हैं तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
रामविलास, यातायात प्रभारी, राजसमंद
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की बेपरवाही शहर में वर्दी नहीं पहन रहे और नशेड़ी चालकों पर भी नहीं लगी लगाम