राजस्थान के राजसमंद ज़िले के स्कूलों में शुक्रवार को जश्न का माहौल छा गया जब कक्षा पांचवीं के प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन का परिणाम घोषित हुआ।
राजसमंद. राजस्थान के राजसमंद ज़िले के स्कूलों में शुक्रवार को जश्न का माहौल छा गया जब कक्षा पांचवीं के प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन का परिणाम घोषित हुआ। इस बार का रिजल्ट जिले के लिए बेहद खास और गर्व करने वाला रहा, क्योंकि राजसमंद ने न केवल बीते साल की तुलना में अपने प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार किया, बल्कि पूरे राज्य में छठे स्थान पर पहुंचकर अपनी शैक्षणिक मेहनत का लोहा मनवाया। राजसमंद ने वर्ष 2024 के परीक्षा परिणाम में सुधार करते हुए इस बार 1.18 प्रतिशत की बढोतरी की है। गत वर्ष परीक्षा परिणाम 97.25 प्रतिशत रहा जबकि 2025 में 98.43 प्रतिशत रहा है। जिले में 347 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं। जिनके सप्लीमेंट्री है। ये सबसे कमजोर श्रेणी में है। इनको पूरक परीक्षा देनी होगी।
इस परीक्षा में बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में वे किसी से कम नहीं हैं। नतीजों में कई सरकारी स्कूलों की छात्राओं ने अव्वल स्थान प्राप्त किए, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। स्कूलों में मिठाइयां बांटी गईं और शिक्षकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपने विद्यार्थियों की सफलता का जश्न मनाया। बेटियों ने बेटों को परिणाम में पीछे छोड़ दिया। बेटियों ने 0.23 प्रतिशत के साथ बढ़त बनाई। बेटियों को कुल 98.55 और बेटों को 98.32 प्रतिशत रहा।
राजस्थान में पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए अधिगम मूल्यांकन परीक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की क्षमता को परखना होता है। यह परिणाम सरकारी योजनाओं जैसे कि निपुण भारत मिशन की सफलता की ओर भी इशारा करता है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 तक बुनियादी साक्षरता और गणना में निपुण बनाना है। राजसमंद की बेटियों ने विज्ञान, गणित और भाषा विषयों में विशेष उत्कृष्टता दिखाई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समावेशी शिक्षा की दिशा में भी जिले ने ठोस कदम उठाए हैं।