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दवा के लिए भटकते बुजुर्ग: आरजीएचएस सुविधा कागजों में, पेंशनर्स परेशान,पर्ची हाथ में, लेकिन दवाई नहीं

राजसमंद. जीवन की संध्या बेला में जब सुकून और उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब जिले के राजकीय पेंशनर्स दवाइयों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आरजीएचएस योजना के तहत कैशलेस इलाज का वादा तो किया गया, लेकिन हकीकत यह है कि बीमार बुजुर्ग पर्ची हाथ में लेकर मेडिकल स्टोर से मेडिकल […]

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राजसमंद. जीवन की संध्या बेला में जब सुकून और उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब जिले के राजकीय पेंशनर्स दवाइयों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आरजीएचएस योजना के तहत कैशलेस इलाज का वादा तो किया गया, लेकिन हकीकत यह है कि बीमार बुजुर्ग पर्ची हाथ में लेकर मेडिकल स्टोर से मेडिकल स्टोर तक चक्कर काट रहे हैं। चिकित्सक से जांच करवाने और दवाई लिखवाने के बाद जब पेंशनर केमिस्ट के पास पहुंचते हैं तो उन्हें एक ही जवाब मिलता है दवाई उपलब्ध नहीं है। कई दुकानों पर जाने के बाद भी यही स्थिति रहने से बुजुर्ग मायूस होकर लौटने को विवश हैं। राजस्थान राज्य सेवा निवृत्त अधिकारी-कर्मचारी महासंघ, जिला शाखा राजसमंद ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए नाराजगी जताई है।

बीमारियों से जूझ रहे, दवाइयों के लिए संघर्ष

संभाग महामंत्री प्रभु गिरि गोस्वामी ने बताया कि अधिकांश पेंशनर्स शुगर, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं, जिन्हें नियमित दवाइयों की आवश्यकता होती है। हर माह डॉक्टर के पास जाना और दवाई लिखवाना उनकी मजबूरी है, लेकिन दवाई मिलना अब चुनौती बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दवा विक्रेता मूल दवाई उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर वैकल्पिक दवाइयां लेने का दबाव बनाते हैं। इससे यह आशंका भी पैदा होती है कि वैकल्पिक दवाइयों में अधिक मुनाफा होने के कारण ऐसा किया जा रहा है।

कैशलेस इलाज अधिकार है, एहसान नहीं

गोस्वामी ने कहा कि आरजीएचएस सुविधा कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों के पूरे सेवा काल में वेतन से की गई कटौती का परिणाम है। ऐसे में पेंशनर्स को अपने हक की दवाई के लिए भटकना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

डॉक्टरों की दुकानों पर भी ‘दवाई नहीं’

जिला अध्यक्ष घनश्याम जोशी और जिला महामंत्री सत्यनारायण व्यास ने बताया कि कुछ चिकित्सकों ने आरजीएचएस लाइसेंस लेकर घर से ही दवा वितरण शुरू किया है, लेकिन वहां भी कई बार दवाइयां उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि यदि दवा विक्रेताओं का सरकारी भुगतान लंबित है तो इसका समाधान सरकार और विक्रेताओं को करना चाहिए, लेकिन इसकी सजा बीमार पेंशनर्स को नहीं मिलनी चाहिए।

सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग

महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमेश्वर आचार्य, जिला संगठन महामंत्री राधेश्याम शर्मा, उपाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, मंत्री शिवलाल खींची, कोषाध्यक्ष बंसीलाल रांका, अनिल परियानी, शंकरलाल भाटी, छगनलाल पालीवाल तथा ललित वासु सहित पदाधिकारियों ने सरकार से दवा विक्रेताओं को पाबंद करने और पेंशनर्स को तुरंत दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है।

Published on:
22 Feb 2026 11:43 am
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