राजसमंद

भीम में सोया रहा आबकारी महकमा, बिक गई करोड़ों की जमीन

भीम पंचायत ने पांच माह पहले दिए चार पट्टे, हाथोंहाथ हो गया बेचान
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भीम में सोया रहा आबकारी महकमा, बिक गई करोड़ों की जमीन

राजसमंद. भीम में आबकारी विभाग की करीब चार करोड़ की जमीन कोडिय़ो के दाम बिक गई और विभागीय अधिकारी चैन की नींद सोते रहे। करीब पांच माह पहले भीम पंचायत द्वारा चार पट्टे जारी किए और हाथोंहाथ थर्ड पार्टी को जमीन बेचकर रजिस्ट्री करवा दी गई। वर्षों पुराना भवन ध्वस्त होने पर लोगों के विरोध से गफलत सामने आने पर आबकारी विभाग ने भीम पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज करवा कर अपनी जमीन फिर से हासिल करने की कवायद शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार भीम के पड़ाव में खसरा नं. 10515 के रकबा 110 बीघा 4 बिस्वा पर आबकारी विभाग का करीब आठ-दस दशक पुराना भवन बना था, जहां शराब की दुकान, गोदाम के साथ कार्मिकों के क्वार्टर बने हुए थे। कामलीघाट (देवगढ़) में नया आबकारी भवन बनने के बाद भीम में पुराना भवन अनुपयोगी होकर खंडहर में तब्दील हो गया। 10 जनवरी, 2007 को भीम पंचायत सरपंच शांतादेवी ने राजस्थान आबकारी आयुक्त, उदयपुर को पत्र भेजकर यह जमीन ग्राम पंचायत को देने का प्रस्ताव भेजा। इससे पहले 198 6 से 1993 तक राज्य सरकार से भवन मरम्मत व अन्य कार्यों के लिए बजट भी स्वीकृति हुआ है। आजादी पूर्व से भीम में पड़ाव की जमीन आबकारी विभाग के पास रही। चार-पांच महीने पहले भीम पंचायत ने इस जमीन का पट्टा महेन्द्रसिंह के नाम जारी कर दिया। पट्टा मिलते ही महेन्द्रसिंह ने खंडहरनुमा भवन समेत जमीन ताल निवासी दिलखुश पुत्र प्यारेलाल कटारिया को बेच दी। खरीदार ने पिछले दिनों भवन तोडऩे एवं नए भवन निर्माण के लिए आवेदन करने पर पंचायत ने मंजूरी दे दी। तोडफ़ोड़ और नया निर्माण शुरू करते ही विभाग की जमीन खुर्द-बुर्द होने का मामला खुल गया।

कब्जा आबकारी का, पट्टे कैसे बनाए?
आबादी भूमि में पट्टा नगरीय निकाय व ग्राम पंचायत दे सकती है। इसके लिए जिस व्यक्ति को पट्टा दिया जा रहा है, उसके कब्जे का भी उल्लेख किया जाता है। पटवारी की मौका पर्चा रिपोर्ट के आधार पर पंचायत पट्टा देती है। सवाल यह कि जब आबकारी विभाग के कब्जे की जमीन पर पंचायत ने अन्य व्यक्ति को पट्टा कैसे जारी कर दिया?

पट्टे के आधार पर रजिस्ट्री
मैंने नियमानुसार जमीन खरीदी और निर्माण शुरू किया है। जमीन आबकारी विभाग की होना प्रमाणित होने पर मैं लौटा दूंगा। अगर पंचायत ने गलत पट्टे बनाए हैं, तो इसके बारे में मुझे नहीं मालूम।
दिलखुश कटारिया, खरीदार

जमीन विभाग की है
पड़ाव के पास आबकारी विभाग का आजादी से पहले का भवन है। भीम पंचायत ने पत्र आयुक्त को कई लिखकर जमीन मांगी, लेकिन विभाग ने जमीन देने से इनकार कर दिया। यह बेशकीमती जमीन आबकारी विभाग की है, जिसके दस्तावेज मौजूद हैं। पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है। मौके पर विभाग की सम्पत्ति होने का बोर्ड लगा दिया है।
रियाजुद्दीन उस्मानी, जिला आबकारी अधिकारी राजसमंद

नियमानुसार दिया पट्टा
आबकारी विभाग की जमीन है, तो पट्टा बताए। ग्राम पंचायत ने नियमानुसार पट्टे जारी किए हैं। पूर्व में ग्राम पंचायत से क्या दस्तावेज भेजे और क्या क्या कार्रवाई हुई। इसके बारे में मुझे मालूम नहीं है।
गिरधारीसिंह रावत, सरपंच, भीम

आबकारी विभाग की जमीन
पड़ाव पर आबकारी विभाग का वर्षों पुराना भवन था व उनका ही कब्जा है। भीम कस्बे की बसावट से पहले से यह भवन विभाग के पास था, जिसके बारे में भीम के लोग जानते हैं। उसके प्रमाणित दस्तावेज विभाग में उपलब्ध हैं।
मोहनसिंह, पूर्व सरपंच, भीम

Published on:
26 Oct 2018 11:36 am