आमेट में मेवाड़ रावणा राजपूत क्षत्रिय समाज का प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन
आमेट. श्री मेवाड़ रावणा राजपूत क्षत्रिय समाज के तत्वावधान में रविवार को नगर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर तुलसी व सामूहिक विवाह समारोह हुआ। इसमें समाज के 21 जोड़े वैवाहिक परियण सूत्र में बंधे। सम्मेलन को लेकर नगर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर प्रात: 7 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तुलसी माताजी का थम्ब व गणपति कलश स्थापना की गई। तत्पश्चात सुबह 9 बजे से सभी वर वधू की गाजे बाजे के साथ सामूहिक बिन्दौली शुरू हुई, जो नगर के बस स्टैण्ड, लक्ष्मी बाजार, रामद्वारा, एसबीआई बैंक, नगरपालिका, पुलिस थाना, स्टेशन रोड होते हुए पुन: खेल मैदान परिसर वैवाहिक स्थल पर पहुंची। सम्मेलन में संतोष भारती महाराज, महामंडलेश्वर जालोर, महंत रतन धोरा बाड़मेर का सानिध्य रहा। सम्मेलन में क्षेत्र के पण्डित भंवरलाल पालीवाल, मोतीलाल पालीवाल ने जोड़ों के फेरे करवाए। समारोह के अथिति अखिल भारतीय रावणा राजपूत सेवा संस्थान के संस्थापक किशनसिंह, उदयसिंह टांक, संरक्षक गिरवरसिंह पडियार, अध्यक्ष अर्जुन सिंह पंवार, प्रदेशाध्यक्ष रणजीतसिंह, विधायक सुरेन्द्रसिंह राठौड़, सेवा संस्थान के प्रदेश युवा अध्यक्ष पहाड़सिंह सोलंकी, सेवा संस्थान के जिलाध्यक्ष मकन सिंह, वैवाहिक समिति के अध्यक्ष लालसिंह, जिला प्रभारी जयसिंह भाटी, शंभूसिंह आदि मौजूद थे। सम्मेलन में विधायक राठौड़ ने रावणा राजपूत समाज के पढऩे वाले बालकों के लिये आमेट में हॉस्टल की भूमि उपलब्ध कयवाने की घोषणा की। समारोह का मंच संचालन राजेन्द्रसिंह गहलोत व अमरसिंह चौहान ने किया।
युवा दिवस पर निकली अहिंसा रैली
आमेट. तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण के दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में अहिंसा वाहन रैली निकाली गई। रविवार को तेरापंथ युवक परिषद आमेट द्वारा अहिंसा रैली का आयोजन किया गया। रैली सुबह नगर के तेरापंथ सभा भवन से शुरू होकर नगर के मुख्य मार्गों से भ्रमण करती हुई पुन: सभा भवन पहुंची। इस अवसर पर तेरापंथ सभाध्यक्ष लाभचंद हिंगड़, तेयुप अध्यक्ष सुभाष कोठारी, मोतीलाल डांगी, प्रवीण ओस्तवाल, मुकेश चपलोत, ललित छाजेड़, मनीष ढीलीवाल, विनोद चोरडिया, पवन कच्छारा, विनोद खमेसरा सहित बड़ी तादाद जैन समाज के लोग मौजूद थे।
वर्षगांठ पर जयकारों के साथ चढ़ाई ध्वजा
रिछेड. गांव के जैन मंदिर पर मुनि सुव्रतस्वामी के साथ पांच ध्वजा चढाई। पहली ध्वजा मुल नायक मुनि सुव्रतस्वामी मंदिर पर मोहन कोठारी द्वारा चढ़ाई गई। दूसरी ध्वजा हीरालाल मीठालाल सिंघवी द्वारा, तीसरी ध्वजा नाथूलाल कोठारी द्वारा, चौथी ध्वजा कडवा भैरूजी बावजी थुरावड मंदिर पर डालचंद, मीठालाल, भेरूलाल कोठारी परिवार द्वारा एवं हनुमानजी मंदिर थुरावड पर मांगीलाल चण्डालीया द्वारा ध्वजा चढाई गई।