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Success Story: राजसमंद में लैब संचालक के 3 बच्चों की बड़ी कामयाबी, 2 बने डॉक्टर, बेटी बनी CHO

Success Story: राजसमंद जिले में भीम क्षेत्र के लैब संचालक भगवती लाल सालवी के तीनों बच्चों ने कड़ी मेहनत से सफलता की मिसाल कायम की। बड़े बेटे हरीश सालवी ने दूसरे प्रयास में NEET पास कर MBBS किया, छोटे बेटे पीयूष ने पहले प्रयास में सफलता हासिल कर डॉक्टर बनने की राह पकड़ी। जबकि बेटी रीना सालवी BSc Nursing के बाद CHO बनकर सेवा दे रही हैं।
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Rajsamand Success Story

पीयूष, रीना सालवी और हरीश सालवी (पत्रिका फोटो)

Rajsamand Success Story: भीम (राजसमंद): कहते हैं कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता और जब लक्ष्य अटल हो तो परिस्थितियां सफलता की राह में कोई मायने नहीं रखतीं। यह सफलता की कहानी भीम के सरवानिया जैसे छोटे से बाड़िये (ढाणी) से निकलने वाले एक ऐसे परिवार के बच्चों की है, जिन्हें न तो अध्ययन के लिए कॉन्वेंट स्कूलों का माहौल मिला और न ही उच्च साधन-सुविधाएं। लेकिन लक्ष्य अटल था, इसलिए तीनों भाई-बहनों ने अपनी मेहनत, लगन और परिश्रम से सफलता के श्रेष्ठतम मुकाम हासिल किए।

बता दें कि भीम में निजी लैब संचालक भगवती लाल सालवी के बच्चों हरीश, पीयूष और रीना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरवानिया और भीम के ग्रामीण परिवेश के सरकारी एवं निजी विद्यालयों से प्राप्त की। पिता भले ही अधिक उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को मेहनत, परिश्रम और लगन का ऐसा पाठ पढ़ाया कि बच्चों ने सफलता की नई मिसाल कायम कर दी।

दूसरे प्रयास में सफल हुए हरीश

भगवती लाल के पुत्र हरीश सालवी ने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय विद्यालय के बाद शहर के निजी सेंट्रल एकेडमी स्कूल से प्राप्त की। हरीश का लक्ष्य आयुर्विज्ञान चिकित्सक बनना था। वर्ष 2020 में प्रथम प्रयास में मिली असफलता को हरीश ने चुनौती के रूप में लिया। असफलता के बाद उन्होंने मेहनत और परिश्रम के साथ दोबारा तैयारी शुरू की और ऑल इंडिया 477वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्होंने उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।

पीयूष ने पहले प्रयास में पाई सफलता

हरीश के छोटे भाई पीयूष ने भी भीम से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। पीयूष ने पहले ही प्रयास में नीट-यूजी में ऑल इंडिया 3003वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। इसके साथ ही उनके चिकित्सक बनने का लक्ष्य भी प्रशस्त हो गया। हरीश और पीयूष के अनुसार, तीनों भाई-बहनों को राजस्थान पुलिस के जवान डालूराम सालवी का लगातार मार्गदर्शन और मोटिवेशन मिलता रहा। उन्होंने भी मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी और लगातार प्रयास से सफलता प्राप्त की।

रीना बनीं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी

हरीश और पीयूष की बड़ी बहन रीना सालवी ने अपने दोनों छोटे भाइयों की शिक्षा में योगदान देने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। रीना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कठिन मेहनत के दम पर इसी वर्ष कुछ दिन पूर्व सीएचसी जवाजा में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के रूप में चयनित होकर कार्यग्रहण किया।

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