मार्बल-गे्रनाइट, मिनरल प्रोसेसिंग व सामान्य इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को अनुमति RIICO area bagad, rajsamand ( Industrial area to be developement)
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
जिले के औद्योगिक विकास को अब रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। बग्गड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से आखिर एक दशक बाद सशर्त अनुमति मिल गई है। इसके तहत मार्बल, गे्रनाइट इंडस्ट्रीज, मिनरल प्रोसेसिंग युनिट व सामान्य इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लगेगी। इसके लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) ने बग्गड़ में ृ103 हैक्टेयर में 271 भूखंड काटे हैं। औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 3937 लाख का प्रोजेक्ट तैयार कर वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। हालांकि गिरते भूजल स्तर व पानी की कम उपलब्धता से डार्कजोन के दायरे में होने से जल आधारित उद्योग नहीं लग सकेंगे। RIICO area bagad, Rajsamand ( Industrial area to be developement)
सरकार द्वारा जून 2010 में बग्गड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 103 हैक्टेयर की भूमि आवंटित की गई थी। फिर रीको द्वारा 271 भूखंड काट दिए और विकास के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया। फिर वन विभाग की जांच में बग्गड़ में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र वन्यजीव अभ्यारण्य से 10 किमी. के दायरे में पाया गया। इस पर इसकी अनुमति के लिए केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया। जांच के बाद राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने 19 सितंबर 2016 को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की अनुमति दे दी थी, मगर पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। इस कारण एक दशक से बग्गड़ औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने कार्य लंबित था। रीको द्वारा 14 अक्टूबर 2019 को दोबारा पानी की मांग 1203 केएलडी से 300 केएलडी कम करते हुए जल आधारित उद्योग नहीं लगाने के अंडरटेकिंग पत्र के साथ दोबारा प्रस्ताव भेजा गया। इस पर केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं ऋतु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा अनुमति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इसके तहत मुख्य तौर पर मार्बल गे्रनाइट इंडस्ट्रीज, मिनरल प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज व जनरल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लगाई जाएगी। इसका प्रस्ताव तैयार कार सरकार को भेज दिया गया है।
दस हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
बग्गड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के बाद करीब दस हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। रीको में दो हजार लोगों की सीधी भर्ती होगी, जबकि 500 कुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर से करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर विकसित होंगे।
पेयजल के लिए 6 नलकूप
औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कारोबारी, श्रमिकों के लिए पेयजल प्रबंध के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिक विभाग द्वारा प्रतिदिन करीब 300 किलोलीटर पानी की जरूरत बताई है। इसके लिए भूजल वैज्ञानिकों ने 200 एमएम व्यास व 200-225 मीटर गहरे छह नलकूप खुदवाने की अनुशंषा की गई है। पेयजल टंकी व पाइप लाइन बिछाने का सर्वे अलग से किया जाएगा।
रीको से होगा समग्र विकास
बग्गड़ में रीको इंडस्ट्रीज का विकास होने से क्षेत्र का काफी विकास होगा, जो राजसमंद जिले के लिए भी कई मायने में खास है। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर दस हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
सहीराम बिश्नोई, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र राजसमंद
प्रस्ताव तैयार, सरकार को भेजा
बग्गड़ में औद्योगिक विकास के प्रोजेक्ट में पर्यावरण की अनुमति मिल गई है। वहां 271 भूखंड काटे गए हैं। जल आधारित उद्योग पर प्रतिबंध है। राजसमंद में यह तीसरा औद्योगिक क्षेत्र है, जिससे जिले के विकास को गति मिलेगी।
चेतन, क्षेत्रीय प्रबंधक राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको), उदयपुर
खुलेंगे रोजगार का द्वार
बग्गड़ औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे पलायन रूकेगा। इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द लागू करने के प्रयास रहेंगे।
सुदर्शनसिंह रावत, विधायक भीम