राजसमंद

अभिनव पहल: राजसमंद में 120 स्कूलों में गणित प्रयोगशालाओं की स्थापना

भारत में शिक्षा का स्वरूप लगातार बदल रहा है, लेकिन गणित जैसे विषय में छात्रों की समझ को सरल और अनुभव आधारित बनाने की पहल अब तक सीमित रही।
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Maths Lab
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राजसमंद. भारत में शिक्षा का स्वरूप लगातार बदल रहा है, लेकिन गणित जैसे विषय में छात्रों की समझ को सरल और अनुभव आधारित बनाने की पहल अब तक सीमित रही। अब राजसमंद जिले के नाथद्वारा में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत गणित की प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। इस परियोजना के तहत कुल 120 सरकारी स्कूलों में ऐसी प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी, जिनमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राएं गणित के कठिन थ्योरम, सूत्र और प्रयोग आसानी से समझ सकेंगे।इस पहल के लिए डीएफएफटी मद से 3 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। इस नवाचार से अब छात्रों को गणित के सूत्र रटने की बजाय यह समझने का मौका मिलेगा कि ये सूत्र कैसे बनते हैं और गणित के विभिन्न सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में कैसे लागू किया जा सकता है।

गतिविधि आधारित शिक्षण का नया अध्याय

नई शिक्षा नीति-2020 (NEP 2020) के तहत गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान की तरह अब गणित के लिए भी प्रयोगशालाएं बनाई जा रही हैं। प्रयोगशालाओं में छात्रों को सिर्फ अंकगणित या ज्यामिति के नियम नहीं पढ़ाए जाएंगे, बल्कि उन्हें यह अनुभव कराया जाएगा कि गणितीय सिद्धांत और सूत्र कैसे बनते हैं और उनका व्यावहारिक उपयोग क्या है। यह विधि छात्रों में सृजनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता को भी बढ़ाएगी।

आईआईटी ने तैयार किया कॉन्सेप्ट और डिजाइन

  • राजसमंद के गणित प्रयोगशालाओं का कॉन्सेप्ट और डिजाइन IIT जोधपुर के इनक्यूबेटेड सेंटर EduMacy द्वारा तैयार किया गया है। इस डिज़ाइन का आधार NCERT द्वारा निर्धारित कक्षा 6 से 10 तक का पाठ्यक्रम है।
  • स्कूलों में प्रयोगशालाएं तैयार करने से पहले शिक्षकों को IIT के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • छात्रों का उत्साह इन प्रयोगशालाओं को देखकर बढ़ रहा है, क्योंकि वे गणित को नए तरीके से समझने और सीखने का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से निर्माण

  • गणित प्रयोगशालाओं का निर्माण स्वदेशी अवधारणा पर आधारित है। इसे भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग और संस्कृति विकास संस्थान के खादी भंडार के माध्यम से किया जा रहा है।
  • स्थानीय ग्रामोद्योग इकाई के माध्यम से निर्माण होने से लोकल फॉर लोकल अवधारणा को बल मिलता है।
  • प्रयोगशालाओं के उपकरण, जैसे कि चुंबकीय लोहे के बोर्ड और 3D शेप के मॉडल, स्थानीय स्तर पर निर्मित किए जा रहे हैं।

गणित प्रयोगशाला: तकनीकी विवरण

  • गणित प्रयोगशालाओं में कई नवाचार शामिल हैं, जैसे:
  • एलजेब्रा एनोटेटर – बीजगणित के सिद्धांत समझाने के लिए।
  • नंबर सिस्टम ऑपरेटर – अंक प्रणाली और संख्याओं के प्रयोग के लिए।
  • कॉर्डिनेट सिस्टम डिमॉन्सट्रेटर – निर्देशांक प्रणाली का दृश्य प्रदर्शन।
  • ज्योमेट्री एक्सपोसिटर – ज्यामिति के विभिन्न सिद्धांतों का प्रदर्शन।
  • मेंसुरेशनएवलुएटर – मापन और गणना की प्रक्रियाओं के लिए।
  • सर्किल डिस्क्रिप्टर – वृत्त और उसकी विशेषताओं का प्रायोगिक ज्ञान।

विशेषताएं:

  • बिजली का उपयोग नहीं होता, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी लाभ उठा सकेंगे।
  • प्रत्येक कक्षा के लिए निर्देशिका में प्रयोगों और विधियों का विस्तार से विवरण मौजूद है।

विधायक की पहल और तेजी से कार्यान्वयन

  • नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ की पहल पर डीएफएफटी के माध्यम से नाथद्वारा उपखंड के खमनोर ब्लॉक के 40 स्कूलों में गणित प्रयोगशालाओं का निर्माण और प्रशिक्षण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
  • संस्कृति विकास संस्थान के खादी भंडार द्वारा लोहे के बोर्ड और उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं।
  • यह देश की पहली खादी संस्था है, जो NEP 2020 के अंतर्गत गणित प्रयोगशालाओं का निर्माण कर रही है।

छात्रों के लिए लाभ

  • छात्रों को गणित को व्यावहारिक और अनुभव आधारित तरीके से सीखने का अवसर मिलेगा।
  • थ्योरम, सूत्र और गणितीय अवधारणाओं को समझने में आसानी होगी।
  • उनकी सृजनात्मक और विश्लेषणात्मक क्षमता में सुधार होगा।
  • रटने की बजाय समझने और प्रयोग करने का अनुभव मिलेगा।
Published on:
24 Sept 2025 04:12 pm