स्थानीय कारीगर जुटे दीपक बनाने में बाजार में चीनी दीपक नहीं आ रहे नजर
राजसमंद. दीपावली पर्व में दीपों का सबसे ज्यादा महत्व है। यही कारण है कि इसपर्व पर दीपकों की जोरदार बिक्री होती है। इसलिए पिछले कई वर्षों से दीपकों के बाजार पर चीन ने कब्जा जमा रखा था। जानकार बताते हैं कि चीनी दीपक जलाना लोगों को सस्ते पड़ते हैं, इसलिए उनकी बाजार में ५० फीसदी तक पकड़ थी। लेकिन इसबार चीन से छिड़े विवाद के चलते हर आदमी चीनी उत्पाद का बहिष्कार कर रहा है। यही कारण है कि इसबार बाजार में चीनी दीपक अभीतक नजर नहीं आ रहे। वहीं दुकानदार बताते हैं कि चीनी सामान का बहिष्कार हो रहा है इसलिए उन्होंने इसबार चीनी दीपक नहीं मंगवाए हैं। ऐसे में साफ है कि इसबार दीपावली में देसी और मिट्टी के दीपकों की भरमार रहेगी। इसे लेकर कुंभकार भी उत्साहित हैं। उन्होंने गतवर्षों की तुलना में ज्यादा मिट्टी के दीपक बनाने का लक्ष्य लिया है।
इसबार ज्यादा मांग है...
गतवर्षों के मुकाबले इसबार देसी दीपकों की ज्यादा मांग है। क्योंकि शहरी क्षेत्रों से दुकानदार भी मिट्टी के दीपक बनाने के लिए कह रहे हैं। हमने भी इसबार ज्यादा दीपक बनाने का लक्ष्य बना रखा है।
-रतनलाल प्रजापत, पीपली अहिरान
अभी से मांग ज्यादा है...
अभी चाइनीज उत्पाद के बहिष्कार के कारण मिट्टी के दीपक की मांग बढ़ी है। गत वर्ष के मुकाबले देखें तो इस वर्ष अभी से 25 से 30 प्रतिशत की मांग ज्यादा है। आम लोगों में दैनिक जरूरत के सामानों में स्थानीय उत्पाद खरीदने में इजाफा हुआ है। इसबार दीपावली में अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
-बाबूलाल प्रजापत, कुंवारिया
पहले से तैयारी शुरू की...
दीपावली को ध्यान में रखते हुए दीपक बनाने की तैयारी पहले से शुरू कर दी है। इसबार उम्मीद है कि ज्यादा दीपक बिकेंगे, क्योंकि अभी से लोग दीपक की खरीदारी के लिए आने लगे हैं।
भंवरलाल प्रजापत, धोइंदा