
पत्रिका फाइल फोटो
Bhamashah Samman 2026: राजस्थान में वर्ष 2026 के भामाशाह सम्मान समारोह के लिए ‘शिक्षा भूषण’, ‘शिक्षा विभूषण’ और ‘शिक्षा श्री’ श्रेणियों में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही स्कूल शिक्षा विभाग एक्टिव मोड पर आ गया है और सरकारी स्कूलों में सहयोग देने वाले दानदाताओं को सम्मानित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
सरकार की ओर से भामाशाहों के लिए विशेष प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसके तहत केवल उन्हीं दानदाताओं को सम्मान मिलेगा, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्कूलों में सहयोग किया है। इस सहयोग में स्कूल भवन निर्माण, मरम्मत, संसाधन उपलब्ध कराना और अन्य विकास कार्य शामिल हैं। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस बार जिला स्तर पर सम्मान की पात्रता में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 1 लाख रुपए से 29,99,999 रुपए तक सहयोग करने वाले भामाशाह ‘शिक्षा श्री’ सम्मान के पात्र होंगे। पहले यह सीमा 5 लाख रुपए से शुरू होती थी, जिसे घटाकर 1 लाख कर दिया गया है, जिससे अधिक संख्या में दानदाता जुड़ सकेंगे।
राज्य स्तरीय समारोह 29 जून को जयपुर में आयोजित होगा, वहीं जिला स्तर पर भी सभी मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान मोहर सिंह सलावद के अनुसार, यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता को मजबूत करेगी और स्कूलों के विकास को नई गति देगी।
प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें भामाशाहों से संपर्क कर आवेदन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र दानदाता आवेदन से वंचित रहता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। राज्य स्तर पर 50 लाख रुपए या उससे अधिक सहयोग प्रेरित करने वाले प्रेरकों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि जिला स्तर पर 5 लाख से 49.99 लाख रुपए तक सहयोग प्रेरित करने वालों को सम्मान मिलेगा।
इस सम्मान समारोह के लिए योगदान अवधि 1 अप्रेल 2025 से 31 मार्च 2026 तक तय की गई है। इस अवधि में किया गया दान ही मान्य होगा। इसके अलावा दान की रसीद, यू डाइस कोड एवं अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने अनिवार्य हैं। भामाशाह सम्मान 2026 के लिए आवेदन केवल ज्ञान संकल्प पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह से अस्वीकार्य होंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि भामाशाहों को सम्मानित करने से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए संसाधन बढ़ेंगे। खासतौर पर जिला स्तर पर न्यूनतम सीमा घटाकर 1 लाख रुपए करने से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
Updated on:
11 May 2026, 12:24 PM IST
Published on:
11 May 2026, 12:23 PM IST
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