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Rajsamand: रीको का मेगा प्लान, 8 हेक्टेयर भूमि पर इंडस्ट्रियल हब की तैयारी! जयपुर से मंजूरी मिलते ही बदलेगी तस्वीर

Rajsamand Industrial Area: राजसमंद जिले के औद्योगिक परिदृश्य को नई पहचान देने वाली एक महत्वाकांक्षी योजना इन दिनों चर्चाओं में है। रीको विभाग द्वारा यहां एक नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की पूरी तैयारी कर ली गई है। लेकिन, सारी तैयारियों के बावजूद यह सपना फिलहाल एक प्रशासनिक पेच में उलझा हुआ है।
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राजसमंद

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Anand Prakash Yadav

•

Updated: 7 May 2026, 12:02 PM IST

राजसमंद के कितेला क्षेत्र में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल हब, पत्रिका फोटो

राजसमंद के कितेला क्षेत्र में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल हब, पत्रिका फोटो

Rajsamand Industrial Area: राजसमंद जिले के औद्योगिक परिदृश्य को नई पहचान देने वाली एक महत्वाकांक्षी योजना इन दिनों चर्चाओं में है। रीको विभाग द्वारा यहां एक नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की पूरी तैयारी कर ली गई है। लगभग 8 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित यह इंडस्ट्रियल एरिया न केवल निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे भी खोलेगा। लेकिन, सारी तैयारियों के बावजूद यह सपना फिलहाल एक प्रशासनिक पेच में उलझा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, यह औद्योगिक क्षेत्र गोमती चौराहे से आगे कितेला क्षेत्र में, जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) के सामने विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लोकेशन के लिहाज से यह जगह काफी रणनीतिक मानी जा रही है, जहां बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकती है।

कागजी प्रक्रिया पूरी, अब सिर्फ मंजूरी का इंतजार

रीको विभाग ने इस परियोजना को लेकर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। विस्तृत प्लान तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है और विभागीय स्तर पर भी अनुमति मिल चुकी है। इसके बावजूद,अंतिम स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है।

विकास या अविकसित- यही है सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे प्रोजेक्ट की रफ्तार को रोकने वाला मुख्य मुद्दा यह है कि इस भूमि को उद्योगों को किस रूप में आवंटित किया जाए। इसे बिना विकसित (रॉ लैंड) के रूप में दिया जाए या फिर पूरी तरह विकसित कर, सड़कों, पानी, बिजली जैसी सुविधाओं के साथ सौंपा जाए। इस बात पर मंथन किया जा रहा है।

उच्च स्तर पर अटका मामला

यह अहम निर्णय फिलहाल उच्चाधिकारियों के स्तर पर लंबित है। विभागीय अधिकारी लगातार जयपुर से दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस विषय पर उच्च स्तर पर मंथन जारी है। इस पर विभाग के उच्चाधिकारियों के स्तर पर निर्णय किया जाना बाकी है।

मंजूरी मिलते ही बदल सकती है तस्वीर

यदि इस औद्योगिक क्षेत्र को विकसित कर आवंटित करने की अनुमति मिल जाती है, तो राजसमंद में औद्योगिक गतिविधियों को जबरदस्त गति मिल सकती है। नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे और मध्यम उद्योगों को प्लेटफॉर्म मिलेगा और जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

ऐसा हो नए औद्योगिक क्षेत्र का स्वरूप

राजसमंद में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को सिर्फ जमीन आवंटन तक सीमित रखने के बजाय एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और निवेश आकर्षित करने वाले इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए योजना को चरणबद्ध और स्मार्ट तरीके से लागू करना जरूरी होगा। फिलहाल यह पूरा प्रस्ताव जयपुर में विचाराधीन है और अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही हरी झंडी मिलती है, यह परियोजना राजसमंद के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाना

  • चौड़ी और मजबूत सड़कें, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही आसान हो
  • पर्याप्त पानी की व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम
  • सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट की उचित योजना

रेडी-टू-मूव इंडस्ट्रियल प्लॉट्स

कच्ची जमीन देने की बजाय प्लॉट्स को लेवलिंग, रोड कनेक्टिविटी और बेसिक सर्विसेज के साथ तैयार किया जाए। इसके अलावा छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए अलग-अलग साइज के प्लॉट्स उपलब्ध कराए जाए। इससे उद्योग लगाने में समय और लागत दोनों कम होंगे।

सेक्टर-आधारित हो विकास

  • मार्बल और स्टोन इंडस्ट्री क्लस्टर
  • मिनरल-बेस्ड इंडस्ट्री
  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग

ग्रीन और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल एरिया बने

  • ग्रीन बेल्ट और पेड़-पौधों का विकास
  • सोलर एनर्जी का उपयोग
  • कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट
  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

इनका कहना है…

रीको औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्लान स्वीकृत हो चुका है। इस क्षेत्र को विकसित या अविकसित किस श्रेणी में देना है। इसके लिए फाइल पर उच्चाधिकारियों की ओर से मंथन किया जा रहा है। जैसे ही अनुमति मिलती है। विभागीय स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

कुशाग्र, सहायक अभियंता, रीको, राजसमंद

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