
राजसमंद के कितेला क्षेत्र में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल हब, पत्रिका फोटो
Rajsamand Industrial Area: राजसमंद जिले के औद्योगिक परिदृश्य को नई पहचान देने वाली एक महत्वाकांक्षी योजना इन दिनों चर्चाओं में है। रीको विभाग द्वारा यहां एक नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की पूरी तैयारी कर ली गई है। लगभग 8 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित यह इंडस्ट्रियल एरिया न केवल निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे भी खोलेगा। लेकिन, सारी तैयारियों के बावजूद यह सपना फिलहाल एक प्रशासनिक पेच में उलझा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, यह औद्योगिक क्षेत्र गोमती चौराहे से आगे कितेला क्षेत्र में, जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) के सामने विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लोकेशन के लिहाज से यह जगह काफी रणनीतिक मानी जा रही है, जहां बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकती है।
रीको विभाग ने इस परियोजना को लेकर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। विस्तृत प्लान तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है और विभागीय स्तर पर भी अनुमति मिल चुकी है। इसके बावजूद,अंतिम स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इस पूरे प्रोजेक्ट की रफ्तार को रोकने वाला मुख्य मुद्दा यह है कि इस भूमि को उद्योगों को किस रूप में आवंटित किया जाए। इसे बिना विकसित (रॉ लैंड) के रूप में दिया जाए या फिर पूरी तरह विकसित कर, सड़कों, पानी, बिजली जैसी सुविधाओं के साथ सौंपा जाए। इस बात पर मंथन किया जा रहा है।
यह अहम निर्णय फिलहाल उच्चाधिकारियों के स्तर पर लंबित है। विभागीय अधिकारी लगातार जयपुर से दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस विषय पर उच्च स्तर पर मंथन जारी है। इस पर विभाग के उच्चाधिकारियों के स्तर पर निर्णय किया जाना बाकी है।
यदि इस औद्योगिक क्षेत्र को विकसित कर आवंटित करने की अनुमति मिल जाती है, तो राजसमंद में औद्योगिक गतिविधियों को जबरदस्त गति मिल सकती है। नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे और मध्यम उद्योगों को प्लेटफॉर्म मिलेगा और जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
राजसमंद में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को सिर्फ जमीन आवंटन तक सीमित रखने के बजाय एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और निवेश आकर्षित करने वाले इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए योजना को चरणबद्ध और स्मार्ट तरीके से लागू करना जरूरी होगा। फिलहाल यह पूरा प्रस्ताव जयपुर में विचाराधीन है और अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही हरी झंडी मिलती है, यह परियोजना राजसमंद के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
कच्ची जमीन देने की बजाय प्लॉट्स को लेवलिंग, रोड कनेक्टिविटी और बेसिक सर्विसेज के साथ तैयार किया जाए। इसके अलावा छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए अलग-अलग साइज के प्लॉट्स उपलब्ध कराए जाए। इससे उद्योग लगाने में समय और लागत दोनों कम होंगे।
रीको औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्लान स्वीकृत हो चुका है। इस क्षेत्र को विकसित या अविकसित किस श्रेणी में देना है। इसके लिए फाइल पर उच्चाधिकारियों की ओर से मंथन किया जा रहा है। जैसे ही अनुमति मिलती है। विभागीय स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
कुशाग्र, सहायक अभियंता, रीको, राजसमंद
Published on:
07 May 2026 12:02 pm
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