
मांगे थे बारह हजार, फिर साढ़े ग्यारह मे बनी सहमति
राजसमंद. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजसमंद के दल ने सोमवार दोपहर कालादेह सरपंच को साढ़े 9 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सरपंच ने यह रिश्वत पुश्तैनी पट्टे की रजिस्ट्री करवाने की एवज में मांगी गई थी।
एसीबी के एएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि कालादेह निवासी महेंद्रसिंह रावत 21 जून को एसीबी कार्यालय राजसमंद में कालादेह सरपंच राजमल चावला द्वारा 12 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत की। इस पर एसीबी द्वारा उसी दिन सत्यापन कराया गया, जिसमें दो हजार रुपए सरपंच राजमल ने प्राप्त किए। साथ ही 11 हजार 500 रुपए की रिश्वत देने पर बात हुई। इसके तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निरीक्षक दामोदर सिंह दल के साथ भीम बदनोर चौराहा पहुंचे, जहां महेंद्र सिंह ने 9 हजार 500 रुपए सरपंच राजमल को दे दिए। सरपंच ने रिश्वत की राशि पेंट की जेब रख ली। इशारा मिलते ही एसीबी दल ने सरपंच राजमल को घेरकर पकड़ लिया और उसकी जेब से रुपए निकाल कर हाथ धुलवाए, तो रंग आ गया। बाद में उसे गिरफ्तार करने के बाद उसके कार्यालय व आवास की भी तलाशी ली गई। फिर देर रात एसीबी दल आरोपित सपंच राजमल को लेकर राजसमंद पहुंची, जहां मेडिकल कराने के बाद उसे पुलिस सुरक्षा में रखा गया। अब उसे मंगलवार को एसीबी के विशेष न्यायालय उदयपुर में पेश किया जाएगा।
पिछले माह ही बनाया था पट्टा
कालादेह ग्राम पंचायत में 7 मई को आयोजित राजस्व शिविर में महेन्द्रसिंह पुत्र पूनमसिंह रावत के पुश्तैनी जमीन का पट्टा बनाया गया था। फिर उस पट्टे की रजिस्ट्री करवाने के लिए सरपंच राजमल से संपर्क किया, तो बारह हजार रुपए की रिश्वत मांगी। सरपंच ने रिश्वत की राशि तहसील के कार्मिकों व गवाहों को देने के लिए लिए थे। अब एसीबी द्वारा उन सभी पहलुओं पर गहन पूछताछ के साथ जांच की जा रही है।