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डेढ़ करोड़ गबन पर नाथद्वारा पालिकाध्यक्ष, चार आयुक्त, दो एईएन पर एसीबी में प्रकरण

बिना टेंडर दिया ठेका, मानदेय के नाम दो दो लाख की बजाय प्रतिमाह उठाए नौ-नौ लाख
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डेढ़ करोड़ गबन पर नाथद्वारा पालिकाध्यक्ष, चार आयुक्त, दो एईएन पर एसीबी में प्रकरण

राजसमंद. नाथद्वारा शहर में जल वितरण व्यवस्था के लिए 40 कार्मिकों के नाम पर डेढ़ करोड़ का गबन करने पर नाथद्वारा नगरपालिका अध्यक्ष लालजी मीणा, चार तत्कालीन आयुक्त, दो सहायक अभियंताओं सहित 14 कार्मिकों व एनजीओ प्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्रकरण दर्ज कर लिया। तत्कालीन आयुक्त तनुजा सोलंकी को एसीबी ने ट्रेप किया था। अब प्रकरण की विस्तृत जांच की जाएगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने बताया कि 2 अप्रेल को नगरपालिका नाथद्वारा में एसीबी दल द्वारा आकस्मिक जांच करते हुए शहरी जल वितरण व्यवस्था संबंधी समस्त दस्तावेज जब्त कर लिए गए। इस पर सोसायटी फोर रिसर्च सर्विस एंड वाटर बोर्न डिजीज ट्रीटमेेंट (सरस्वती) उदयपुर (एनजीओ) के प्रस्ताव पर नगरपालिका नाथद्वारा द्वारा 40 कार्मिक आपूर्ति का कार्य सौंप दिए। फिर उनके मासिक मानदेय के करीब दो दो लाख की बजाय हर माह 9-9 लाख का भुगतान कर दिया गया। बिना टेंडर के सिर्फ एक मांग पत्र पर नगरपालिका के अध्यक्ष व तत्कालीन आयुक्त ने एनजीओ को जल वितरण व्यवस्था का कार्य सौंप दिया।

इनकी मिलीभगत से डेढ़ करोड़ की चपत
नगरपालिका नाथद्वारा के तत्कालीन अध्यक्ष लालजी मीणा, तत्कालीन आयुक्त व हाल स्थानीय निकाय जोधपुर ाजस्व अधिकारी तनुजा सोलंकी, तत्कालीन आयुक्त व गंगापुर (भीलवाड़ा) उपखंड अधिकारी राजलक्ष्मी गहलोत, तत्कालीन आयुक्त हाल नगरपालिका नोहर (हनुमानगढ़) अधिशासी अधिकारी बसन्त कुमार, कार्यवाहक आयुक्त शांतिलाल आमेटा, सहायक अभियंता नाथूसिंह राठौड़, कनिष्ठ लेखाकार प्रीति बंशीवाल, तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक हाल नगर विकास न्यास चित्तौडग़ढ़ विजय चौहान, वरिष्ठ लिपिक फतहसिंह चुंडावत, सोसायटी फोर रिसर्च सर्विस एंड वाटर बोर्न डिजीज ट्रिटमेेंट (सरस्वती) राजस्थान उदयपुर के तत्कालीन अध्यक्ष अनुराग त्रिपाठी, सोसायटी अध्यक्ष सुंदरलाल निमामा, सोसायटी सचिव अशोक सेठीया, तत्कालीन व्यवस्थापक वदनसिंह, व्यवस्थापक विरेन्द्रसिंह।

पद का दुरुपयोग, राजकोष को चपत
नगरपालिका नाथद्वारा में अध्यक्ष व तत्कालीन आयुक्त, लेखाकार, लिपिक ने षडय़ंत्रपूर्वक मिलीभगत कर पद व अधिकार का दुरुपयोग कर सोसायटी फोर रिसर्च सर्विस एंड वाटर बोर्न डिजीज ट्रिटमेेंट (सरस्वती) उदयपुर को ठेका दे दिया। राजकीय पद दुुपयोग, नगरपालिका कोष को आर्थिक नुकसान पहुंचाना पाया गया। इस पर आरोपितों के खिलाफ धारा 13 (1) (डी) 13 (2) पीसी एक्ट 1988 एवं सहपठित धारा 120-बी, 420, 467, 468, 471 के तहत प्रकरण किया गया।