- गेहूं और जौ का रकबा बढऩे अैर चना-सरसों का घटने की उम्मीद,15 अक्टूबर से होगी बुवाई, बिपरजॉय तूफान के चलते जलाशयों में हुई पानी की अच्छी आवक, मानसून ने किया निराश
राजसमंद. जिले में खरीफ फसल की कटाई करीब 80 प्रतिशत हो गई है। अब काश्तकार रबी फसल की तैयारी में जुट गए हैं। बिपरजॉय के तहत हुई अच्छी बारिश से जलाशयों में पानी की आवक अच्छी होने से गेहूं और जौ का रकबा बढऩे की उम्मीद है। इस बार पिछले साल से मुकाबले रबी की फसल का क्षेत्रफल कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में खरीफ की फसल की बुवाई 95594 हेक्टेयर में हुई थी। बुवाई से पहले बिपरजॉय तूफान के चलते जिले में अच्छी बारिश हुई थी। इसके कारण इस बार बुवाई भी अच्छी हुई, लेकिन समय के साथ मानसून की बारिश नहीं होने के कारण असिचिंत क्षेत्र की करीब 50 प्रतिशत फसल खराब हो गई। सिर्फ पछैती और जिन खेतों में कुएं या सिंचाई की व्यवस्था है, वहां फसलें लहलहा रही है। इसमें से अब तक 80 प्रतिशत फसलों की कटाई हो चुकी है। शेष की कटाई आगामी एक सप्ताह में पूरी होने की उम्मीद है। जहां पर फसलें खराब हो गई है, वहां पर काश्तकार अब रबी की बुवाई में जुट गए हैं। कृषि विभागों के जानकारों के अनुसार इस बार गेहूं और जौ का रकबा बढऩे की उम्मीद है, जबकि चना और सरसों की फसल का रकबा कम हो सकता है। रबी की बुवाई 15 अक्टूबर से 15 दिसम्बर के बीच होती है।
जिले में यह हुई थी बुवाई
जिले में 95594 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। इसमें ज्वार की 6215, बाजरा 762, मक्का 65575, मूंग की 909, उदड़ 1020, मूंगफली 948, अजवाई 455, तिल 595, सोयाबीन 1451, कपास 2948, ग्वार 3716, सब्जियां 2857, चारा 4252 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी।
40 हजार हेक्टेयर में हुई फसल खराब
यहां पर अधिकांश खेती असिंचित है। कुएं एवं सिंचाई आदि के ोत नहीं होने के कारण खरीफ की फसल बारिश पर निर्भर होती है, लेकिन इस बार मानसून की अच्छी और समय पर बारिश नहीं होने के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। जानकारों की मानें तो जिले में 40 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें खराब हो चुकी है।