राजसमंद

5 साल पहले गुम हुई बेटी को कई राज्यों में ढूंढता रहा पिता, बालिका गृह में देखते ही रोने लगा

करीब 5 वर्ष साल पहले अपने गांव से भटककर मंदसौर पहुंची व बाद में उदयपुर के शेल्टर होम में रही सात साल की बालिका को मंगलवार को आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद अपने मिल गए।

2 min read
Apr 26, 2023

राजसमंद। करीब 5 वर्ष साल पहले अपने गांव से भटककर मंदसौर पहुंची व बाद में उदयपुर के शेल्टर होम में रही सात साल की बालिका को मंगलवार को आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद अपने मिल गए। मां-बाप से बिछड़ी बेटी को जब उन्होंने देखा तो सभी फफक पड़े।

नाथद्वारा क्षेत्र में व्यक्ति ने वर्ष 2017 में रिपोर्ट दी थी कि उसकी बेटी हैण्डपम्प पर गई, जो नहीं लौटी। पिता ने बेटी को ढूंढ लाने की रिपोर्ट दी। बाद में बेटी को स्वयं ढूंढने की बात कहकर तथा आगे की कार्यवाही नहीं चाहने की बात कहकर थाने में गुमशुदगी या कोई अन्य प्रकरण दर्ज नहीं कराया। पिता वर्ष 2017 से मार्च, 2023 तक लगातार राजस्थान विभिन्न शहर-नगर के साथ मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों में खुद व परिवारजनों के जरिए ढूंढता रहा।

बताया कि पिता बालिका की तलाश में उदयपुर के बालिका गृह भी पहुंचा। पिछले दिनों स्वयं तथा बेटी का आधार कार्ड देने के बाद बालिका का गृहक्षेत्र राजसमंद होने का पता चला। मामले को उदयपुर से समिति ने राजसमन्द बाल कल्याण समिति को स्थानान्तरित किया। पुनर्वास की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आर.के. हॉस्पीटल में सखी वन स्टॉप सेन्टर में अस्थायी आश्रय दिया गया। प्रबंधक सुनीता खटीक व अन्य स्टॉफ ने बालिका की देखभाल की। बालिका अपने पिता को काफी समय बाद देखने के बाद रोने लगी। पिता भी रोने लगा। पिता के साथ बालिका की काका की लड़की, भाभी व अन्य परिजन भी आए। उनकी उपस्थित बालिका को सुपुर्द किया गया।

ज्ञात हो, बालिका 7 वर्ष की आयु में अपने घर से मन्दसौर चली गई थी। फिर उदयपुर के बालिका गृह में 4 साल तक रही, लेकिन न तो पिता को उसका पता चल पाया, न किसी जिम्मेदार एजेंसी ने तलाशने की कोशिश की। इस दौरान बालिका ने कक्षा 5 तक की शिक्षा भी पूरी की।

बाल विवाह नहीं कराने का लिया शपथ-पत्र
समिति अध्यक्ष कोमल पालीवाल ने बताया कि बालिका के परिवार में पुनर्वास प्रक्रिया के लिए समिति ने बालिका के पिता के बयान लिए एवं पूरे प्रकरण की जांच की। परिवारजन की उपस्थिति में समिति ने पिता को बालिका के 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा व स्वास्थ्य पूर्ण जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया। बालिका का बाल विवाह नहीं कराने का भी शपथ-पत्र लिया गया। इस दौरान अध्यक्ष कोमल पालीवाल, सदस्य बहादुर सिंह चारण, हरजेन्द्र चौधरी, सीमा डागलिया, रेखा गुर्जर, विकास विजयवर्गीय, मोना नन्दवाना, सुनीता खटीक, जगदीश सोनी, जितेन्द्र कुमार रेगर, नरेश मीणा आदि मौजूद थे।

Published on:
26 Apr 2023 04:51 pm
Also Read
View All