
राजसमंद. झील को लबालब रखने का मुद्दा वर्षों पुराना है, चुनाव से पूर्व इसे भरने के प्रयासों का बाजार गरम होता है, राजनेता वादे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में ‘ढाक के तीन पात’ ही रह जाते हैं। ऐसे ही मिलेजुले विचार रविवार को राजस्थान पत्रिका कार्यालय पर चेंजमेकर व शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने न सिर्फ व्यक्त किए, बल्कि उन्हें कैसे अमलीजामा पहनाया जा सकता है, इस पर भी मंथन किया।
डॉ. राकेश तैलंग ने कहा कि विधानसभा में काम तो हुए हैं, लेकिन कभी उनका फॉलोअप नहीं होता, ऐसे में जनप्रतिनिधियों को ऐसी योजना भी बनानी चाहिए कि जो काम करवाए गए हैं, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है, क्या लोग उनका लाभ ले पा रहे हैं या नहीं। उन्होंने राजसमंद विधानसभा में जनसहभागिता कानून बनाने, जनसुविधाओं के विस्तार की समीक्षा, जिसमें सडक़, रेलवे, जल, पर्यटक स्थलों का रिब्यू, विद्युत लाइनों का भूमिगत जाल होने की बात कही, इसके उन्होंने फायदे भी बताए। शिक्षाविद दिनेश श्रीमाली ने कहा कि जिले में पानी की कमी रहती है और बारिश में कई बार बाढ़ की स्थिति बनती है, ऐसे में नहरों की चौढ़ाई बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, बारिश का पानी ज्यादा से ज्यादा झील में सहजने की जरूरत है। माइनिंग क्षेत्रों का पानी लेफ्ट करके झील में लाने की जरूरत है, मुख्यालय पर एक केंद्रीय विद्यालय की महत्ती आवश्यकता है, रेलवे के लिए प्रयास हुए, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं दिख रहा है। सोहनलाल भाटी ने कहा कि हरबार जनप्रतिनिधि चुुनाव से पूर्व झील को लबालब भरने के लिए कार्ययोजना बताते हैं, लेकिन बाद में कोई काम नहीं होता। एडवोकेट जयदेव कच्छावा ने शहर में पार्क विकसित करने, एसीबी कोर्ट का गठन करने तथा इसके फायदे पर विचार रखे। इसी तरह भगवत शर्मा ने ईएसआई अस्पताल, टाउनहॉल, ट्रांसपोर्ट नगर की आवश्यकता बताई। एडवोकेट जितेंद्र खटीक ने शहर के ढांचागत विकास, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में परिवहन की समस्या बताई, इसी तरह रूडीलाल वैष्णव ने मेवाड़ से मारवाड़ को जोडऩे वाली मीटरगेज पर अपने विचार रखे। प्रदीप कुमार सोलंकी, चिराग पालीवाल ने राजसमंद विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं रखीं।
खुल कर हुई चर्चा, बनाया जन ऐजेंडा
कुंभलगढ़. राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर बदलाव के नायक महा अभियान के तहत रविवार को केलवाड़ा कस्बे में स्थित गोपेश्वर महादेव मन्दिर पर चेंजमेकर एवं वोलियंटरों की बैठक हुई।
बैठक में पूर्व प्रधान सत्यनारायण देवपुरा एवं आमेट के समाजसेवी दिलीपङ्क्षसह राव मुख्य अतिथि थे। अध्यक्षता एडवोकेट बिहारीलाल बाहेती ने की। इसमें संभागियों ने अपने नाम एवं मोबाइल नम्बर सहित स्थानीय समस्याओं एवं सुझावों को लेकर लिखित में पत्र दिए। वहीं मुख्य अतिथियों ने भी लिखित में समस्या एवं सुझावों के अलावा संक्षिप्त में सम्बोधित करते हुए क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं एवं सुझावों को जनता के बीच रखा। इस दौरान मुख्य समस्याएं जो सामने आईं उनमें मुख्य रूप से क्षेत्र की खस्ताहाल सडक़ें रही। उपस्थित सभी जनों ने सडक़ की समस्या को मुख्य समस्या के रूप में उठाया। वहीं स्थाई रोजगार, पर्यटन विकास, समुचित सफाई व्यवस्था, सुगम यातायात एवं पर्याप्त बस सुविधा, दुरुस्त एवं मजबूत संचार व्यवस्था, शुद्ध एवं स्थाई पेयजल व्यवस्था, सुविधाजनक अस्पताल व पर्याप्त चिकित्साकर्मी की तैनातगी के मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस दौरान शंभुपुरी गोस्वामी, राधेश्याम जोशी, एडवोकेट बिहारीलाल बाहेती, पुरुषोत्तम असावा, हीरालाल गुर्जर, अल्पेश असावा, शंकरलाल सेन, विजेशनाथ, विक्की देवपुरा, देवीङ्क्षसह, घीसूलाल नागोरी, मनोज देवपुरा, दुर्गेश, बब्बरङ्क्षसह खरवड़, रिंकू बाहेती, राजकुमार शर्मा, मदन असावा, आमेट से रामङ्क्षसह राव, लक्षमणङ्क्षसह, लक्षमणङ्क्षसह कडिय़ा मौजूद थे।
यह सामने आए प्रमुख मुद्दे
-राजसमंद झील में पानी लाना।
-जिले में मेडिकल कॉलेज खुलना।
-कौशलविकास पर आधारित विश्वविद्यालयों की स्थापना।
-शहर में धर्मशालाओं का निर्माण होना।
-क्षेत्र में पार्कों का समुचित निर्माण होना।
-पर्यटन स्थलों का विकास करके, इन्हें जोडऩा।
-विद्युत लाइनों को भूमिगत करना।
-झील को पर्यटन की दृष्टि से विकाशित करना, रिंगरोड का निर्माण।
-एसीबी कोर्ट का निर्माण।
-ट्रांसपोर्ट नगर होना चाहिए, ताकि वाहन इधर-उधर नहीं खड़े रहें।