
राजसमंद. पंचायतीराज चुनाव का रण अब बेहद दिलचस्प और गर्माहट भरा हो चुका है। राजसमंद की धरा पर भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही सूरमाओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शेष बचे वार्डों पर कब्ज़े के लिए सियासी बिसात बिछाई जा चुकी है और जोड़-तोड़ के दांव-पेच चरम पर हैं। हालांकि, पहले चरण में जिस तरह मतदाता खामोश रहे और मतदान का प्रतिशत गिरा, उसने दोनों ही प्रमुख दलों के दिग्गज नेताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। कम मतदान ने सियासी पंडितों को भी उलझा दिया है। ऐसे में अब दूसरे चरण का मुकाबला सीधे-सीधे जनप्रतिनिधियों की साख और प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है। अब इन नेताओं के कंधों पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी यही है कि वे मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक खींचकर लाएं, क्योंकि अगर इस बार भी वोटिंग का आंकड़ा उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ा, तो आने वाले सियासी संकेत कुछ और ही कहानी बयां करेंगे। गौरतलब है कि जिला परिषद के 16 और पंचायत समिति के कुल 80 वार्ड सदस्यों के चुनाव होने हैं। पंचायत समिति में कुल 192 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
जिला परिषद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए इन 16 वार्डों में शह-मात का खेल होगा। जिला परिषद के वार्ड 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 23, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 के लिए दूसरे चरण में चुनाव होंगे।
दूसरे चरण में चार प्रमुख पंचायत समितियों के रण में चुनाव होना तय है। यहां पंचायत समिति सदस्यों के 80 पदों पर अपनी-अपनी जीत का परचम फहराने के लिए कुल 192 प्रत्याशी अपनी पूरी जान झोंके हुए हैं।
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