चोर गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार
राजसमंद. कांकरोली पुराना बस स्टैंड पर पुनावली की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को झांसा देकर सोने की चेन व मंगलसूत्र पार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए का चालक को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में शामिल अन्य आरोपितों के बारे में भी अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिससे कई चोरी, नकबजनी व लूट की वारदातों के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार 11 अक्टूबर को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निर्मला श्रीमाली को झांसा देकर सोने की चेन व मंगलसूत्र लेकर कतिपय बदमाश फरार हो गए। इस पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार चौधरी ने उप निरीक्षक कर्मवीरसिंह राठौड़, हैड कांस्टेबल गिरधारीसिंह, राजेंद्र सिंह, जगदीश, अजीत, कपिल, हिम्मतसिंह की विशेष टीम गठित की। पीडि़ता द्वारा बताए हुलिये के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने तहकीकात कर वारदात को अंजाम देने वाले आरोपित का पता लगा लिया। आरोपित जिस कार में सवार होकर राजसमंद पहुंचे, उस कार के चालक सुल्तानपुरी बी 4/45 थाना सुल्तानपुरी, जिला सुल्तान पुर नॉर्थ वेस्ट दिल्ली निवासी किशनलाल उर्फ गप्पु पुत्र लालाराम गुजराती सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की निशानदेही से कार भी जब्त कर ली।
आरोपितों ने पैदल चल की रैकी
चोर गिरोह कार से राजसमंद पहुंचा और 11 अक्टूबर को जलचक्की चौराहे से ही पैदल जाती आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निर्मला का पीछा किया। इस बीच तीन युवक उसे बातों ही बातों में उलझाते हुए राठासेण माता मंदिर के पास पहुंच गए, जहां गली में जाकर झांसा देकर 50 हजार रुपए की नकदी का बंडल थमाते हुए उसके गले की चेन व मंगलसूत्र लेकर फरार हो गए। फिर महिला ने रुपए का बंडल समझ बैग में रख लिया, मगर पुराना बस स्टैंड की तरफ आगे बढक़र महिला ने बैग बंडल खोला, तो ऊपर 20 रुपए की नोट थी और नीचे कागज के टुकड़े मिले। इस पर पीडि़ता चिखने- चिल्लाने व रोने लग गई। फिर घबराई महिला ने पुलिस को स्पष्ट व सही जानकारी नहीं दी और जांच के दौरान पुलिस भी एक बार भ्रमित हो गई।