राजसमंद

Rajasthan: BJP के वरिष्ठ नेता ने दिया इस्तीफा, 50 साल तक पार्टी में रहे; ‘गद्दार-बेवड़ा’ कहकर अपमानित करने का आरोप

राजसमंद जिले के देवगढ़ में बीजेपी के वरिष्ठ नेता चिरंजीलाल टांक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्थानीय नेतृत्व पर उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाया। टांक ने कहा कि 'गद्दार और बेवड़ा' कहकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई।
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Updated: 25 Oct 2026, 12:19 PM IST
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पूर्व प्रधान चिरंजीलाल टांक (पत्रिका फोटो)

Rajasthan Rajsamand BJP Leader Resigns: देवगढ़ (राजसमंद): जनसंघ के दौर से भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहे वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रधान एवं लसानी ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान चिरंजीलाल टांक ने पांच दशक के राजनीतिक जुड़ाव के बाद पार्टी की सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र बीजेपी के राजसमंद जिला अध्यक्ष जगदीशचंद्र पालीवाल को भेजा है। अपने इस्तीफे में टांक ने संगठन और सत्ता स्तर पर पिछले 10-12 वर्षों से लगातार अनदेखी और उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की है।

चिरंजीलाल टांक के अनुसार, वे पिछले 50 वर्षों से भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे। उन्होंने साल 1995 से 2000 तक लसानी सरपंच, 2000 से 2003 तक बीजेपी के संयुक्त देवगढ़ मंडल अध्यक्ष तथा 2005 से 2010 तक देवगढ़ पंचायत समिति प्रधान के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में पार्टी की जड़ें मजबूत करने के लिए काम किया।

वायरल वीडियो बना इस्तीफे की वजह

चिरंजीलाल टांक ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेतृत्व और पार्टी के कुछ नए कार्यकर्ताओं की ओर से बार-बार उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई। उनके अनुसार, 5-7 दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में उनके लिए 'गद्दार' और 'बेवड़ा' जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया तथा पार्टी से बाहर करने या इस्तीफा देने जैसी बातें कही गईं। टांक ने इसे सार्वजनिक अपमान बताते हुए 24 अक्टूबर को भारी मन से सक्रिय सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया।

दिग्गज नेताओं के साथ किया राजनीतिक सफर

अपने त्यागपत्र में टांक ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, स्वर्गीय हरिओम सिंह राठौड़, स्वर्गीय किरण माहेश्वरी तथा वरिष्ठ नेताओं नंदलाल सिंघवी, बंसीलाल खटीक और मांधाता सिंह के सानिध्य एवं मार्गदर्शन को याद किया। इस्तीफे की प्रतिलिपि प्रदेश भाजपा कार्यालय, जयपुर भी भेजी गई है। पांच दशक पुराने कार्यकर्ता के इस्तीफे से देवगढ़-भीम क्षेत्र में भाजपा संगठन और स्थानीय राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब इस घटनाक्रम पर स्थानीय संगठन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।

चिरंजीलाल टांक पार्टी के निष्ठावान और वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं। उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उनसे पार्टी से जुड़े रहने और संगठन का काम करने का आग्रह भी किया गया है।
-जगदीश पालीवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष, राजसमंद

Updated on:
25 Oct 2026, 12:19 PM IST
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