Rajasthan Heritage Conservation: राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित ऐतिहासिक सुन्दर विलास कुंड के संरक्षण और पुनर्स्थापन का रास्ता अब साफ हो गया है।
Rajasthan Heritage Conservation: राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित ऐतिहासिक सुन्दर विलास कुंड के संरक्षण और पुनर्स्थापन का रास्ता अब साफ हो गया है। राज्य के 2024-25 की बजट घोषणा के तहत इस परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
इसके तहत कुल 147.60 लाख रुपए की स्वीकृत लागत में से वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 73.80 लाख रुपए की प्रथम किस्त जारी करने का निर्णय लिया गया है। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, जयपुर को इस कार्य की क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है, जो राजस्थान पर्यटन अवसंरचना संरक्षण कोष के माध्यम से राशि प्राप्त कर परियोजना को अमल में लाएगा। योजना के तहत कुंड के संरक्षण के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
कार्य प्रारंभ करने से पहले और पूर्ण होने के बाद सुन्दर विलास कुंड स्थल की स्पष्ट फोटोग्राफी कर दस्तावेजीकरण किया जाएगा। साथ ही कार्य प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। इस स्वीकृति के बाद क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहर सुन्दर विलास कुंड के संरक्षण को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे नाथद्वारा के पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व में भी वृद्धि होगी।
करीब 140 वर्ष पूर्व निर्मित यह कुंड वर्षों से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा है, जहां संत निवास के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजनों की परंपरा जुड़ी रही है। कुंड की विशेषता यह है कि इसमें स्थित कुआं और नाथूवास तालाब से जलस्तर का रिचार्ज होता है, वहीं बरसाती नालों का पानी भी इसमें आकर मिलता है। इस कारण यह जल संरक्षण की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण स्रोत रहा है।
हालांकि वर्तमान में सीवरेज का गंदा पानी कुंड में पहुंचने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। गंदगी के बढ़ते स्तर और नियमित साफ-सफाई के अभाव में कुंड का मूल स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा प्रभावित हो रही है।