राजसमंद

Rajasthan News : हल्दीघाटी रूट पर नहीं है रोडवेज बस की सुविधा, निजी वाहनों पर ही निर्भर है आम लोग व पर्यटक

मेवाड़ में पर्यटकों के लिए चौथा सबसे बड़ा पर्यटन स्थल हल्दीघाटी को माना जाता है, लेकिन इस रूट पर एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो रहा है।

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Aug 28, 2024

राजसमंद. मेवाड़ में उदयपुर-कुंभलगढ़ भ्रमण और नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने आने वाले पर्यटकों के लिए चौथा सबसे बड़ा पर्यटन स्थल हल्दीघाटी को माना जाता है, लेकिन इस रूट पर एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो रहा है। रोडवेज बसों का अभाव आज का नहीं, बल्कि दशकों पुराना है। हल्दीघाटी रूट पर रोडवेज बस की सुविधा और कनेक्टिविटी मिले तो स्थानीय लोगों तो सुविध्रा मिलेगी है यहां पर्यटकों की संख्या भी निश्चित रूप से बढ़ेगी।

खमनोर-हल्दीघाटी मार्ग को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बस सुविधा से जोड़ने व राजसमंद-नाथद्वारा होते हुए उदयपुर तक रोडवेज बस के संचालन की दशकों से मांग की जा रही है। इसके बावजूद यहां रोडवेज का संचालन शुरू करने पर ध्यान नहीं दिया गया है। महाराणा प्रताप की रणभूमि होने और ऐतिहासिक स्थलों पर लाखों पर्यटकों की वर्षभर आवाजाही के बावजूद यहां सार्वजनिक बस सुविधा को लेकर स्थिति बेहद खराब है।

राजसमंद जिला मुख्यालय से खमनोर-हल्दीघाटी के लिए एक भी निजी या सरकारी बस की सेवा उपलब्ध नहीं है। बस का संचालन नहीं होने से स्थानीय लोगों को भी आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस रूट पर रोडवेज बसों का संचालन इसलिए जरूरी है क्योंकि नाथद्वारा व उदयपुर से हल्दीघाटी तक पहुंचने के लिए बसों के नियमित संचालन का अभाव है।

दिन में कई घंटों के अंतराल में निजी बसें आती-जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। लाखों पर्यटकों का हल्दीघाटी से जुड़ाव है और ऐसे में रोडवेज बसों के संचालन से यह और बेहतर हो सकता है। खमनोर से लेकर हल्दीघाटी तक 5 किलोमीटर के दायरे में अनेक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं।

जिला मुख्यालय से खमनोर की दूरी 32 किमी है, वहीं नाथद्वारा से खमनोर की दूरी 15 से 17 किमी है। खमनोर से हल्दीघाटी-ईसवाल होते हुए उदयपुर की दूरी करीब 45 किलोमीटर है। वहीं, हल्दीघाटी से लोसिंग होकर कुंभलगढ़ की दूरी 55 से 60 किमी है।

प्रताप सर्किट: चित्तौड़गढ़, हल्दीघाटी, कुंभलगढ़ व उदयपुर

सरकार ने मेवाड़ में प्रताप सर्किट बनाकर ऐतिहासिक स्थलों को अच्छे रोड नेटवर्क से जोड़ने का काम शुरू किया है। सर्किट में चित्तौड़गढ़, उदयपुर, हल्दीघाटी व कुंभलगढ़ प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। इसी योजना के तहत वर्तमान में भटेवर से मावली, उपली ओडन, खमनोर-हल्दीघाटी, लोसिंग, केलवाड़ा (कुंभलगढ़) होते हुए चारभुजा-देसूरी तक राष्ट्रीय राजमार्ग 162-ई का काम चल रहा है। हाइवे निर्माण होने से महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व धार्मिक पर्यटन स्थलों का एक सर्किट बनेगा। सड़क मार्ग सुगम और सुविधाजनक होगा, ऐसे में रोडवेज बसों का संचालन काफी अहम हो जाएगा।

सालों से है रोडवेज की आस

हल्दीघाटी के लोगों को विगत कई सालों से रोडवेज बस की आस है। अगर रोडवेज बसों का संचालन होता है तो हल्दीघाटी क्षेत्र के लोगों व यहां आने वाले देशभर के पर्यटकों को काफी सुविधा मिलेगी।

-गोपेश माली, अध्यक्ष, जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल खमनोर

नई बसें आने पर करेंगे प्लानिंग

अभी तो डिपो में भी कुल 27 गाड़ियां ही हैं। नई बसें आएं तो प्लानिंग करेंगे। मावली रेलवे स्टेशन से वाया हल्दीघाटी उदयपुर तक की डिमांड है। बसों की खेप आने पर ही कुछ कर पाएंगे।

- महेश उपाध्याय, मैनेजर, रोडवेज डिपो राजसमंद

Published on:
28 Aug 2024 04:31 pm
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