राजसमंद

12 फरवरी को ही राजस्थान के इस सपूत ने ज्वॉइन की थी ड्यूटी, आखिरी बार दोस्त की शादी में शरीक होने आए थे गांव

फोन आया तो सभी के पांवों से मानो जमीन खिसक गई हो। इस बुरी खबर पर किसी को यकीन नहीं हुआ कि उनके गांव का लाडला अब नहीं है...

2 min read
Feb 15, 2019

राजसमंद।

जम्मू-कश्मीर के पुलमावां में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए राजसमंद के लाल के बलिदान पर गांव वालों की छाती गर्व से तो फूल गई है लेकिन लोगों में गम के साथ जबरदस्त गुस्सा भी है। राजसमंद जिले के बिनोल गांव में 38 साल के शहीद नारायण लाल की बहादुरी के किस्से हर बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक की जुबां पर सुनाई दे रहे हैं। पूरा गांव अपने इस देशभक्त बेटे को आखिरी बार देखने को बेताब है। शहीद के परिजनों के अनुसार नारायण सप्ताहभर की छुट्टियां पूरी कर मंगलवार को ही गांव से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। शहीद नारायण लाल के परिवार में माता-पिता का देहांत हो चुका है। पत्नी मोहनी देवी (36), पुत्री हेमलता (17) और पुत्र मुकेश (11) हैं। एक भाई गोवद्र्धन लाल, काका रामलाल गुर्जर के अलावा अन्य रिश्तेदार हैं।


आदर्श मानते थे युवा
पुलमावां आतंकी हमले की ज्योंही कल शाम सूचना गांव तक पहुंची तो घर-परिवार के लोगों और ग्रामीणों में दहशत सी फैल गई। लापता जवानों की सूची में नारायणलाल का नाम आते ही उनके दिलों की धडक़नें और बढ़ गईं। देर रात तक आधिकारिक तौर पर परिवार को कोई सूचना नहीं मिलने से रातभर घर के लोग और ग्रामीण सो नहीं सके। जब सुबह केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से फोन आया तो सभी के पांवों से मानो जमीन खिसक गई हो। इस बुरी खबर पर किसी को यकीन नहीं हुआ कि उनके गांव का लाडला अब नहीं है। नारायण के घर के बाहर लोगों का मजमा लग गया। इनमें खासकर युवा बड़ी तादाद में थे, जो उन्हें अपना आदर्श मानते थे। देशसेवा में जाने की उनकी प्रेरणा को याद करके आंखें भर आईं। नारायण पढा़ई में बचपन से ही होशियार थे। उनमें शुरुआत से ही सेना में जाने का जज्बा था।



12 फरवरी को ही ज्वॉइन की ड्यूटी
परिजनों ने बताया कि नारायण लाल छुट्टियां मनाने गांव आए थे। गत 11 तारीख को वह रवाना हुए और 12 फरवरी को ड्यूटी ज्वॉइन की। आखिरी बार एक मित्र विनोद पालीवाल की शादी के भोज में दोस्तों के साथ शरीक हुए। गांव के बच्चों और युवाओं के नारायणलाल काफी चहेते थे। वह जब भी आते थे, मित्रों को फोन करके बुलाते थे और घंटों तक देशसेवा के लिए चर्चा करते थे।

Published on:
15 Feb 2019 05:13 pm
Also Read
View All