प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इसके तहत राजसमंद जिले में भी 96 सरकारी भवनों पर प्लांट लगाने के लिए एक कम्पनी को ठेका दिया गया है। कम्पनी से सर्वे का काम शुरू कर दिया है, अगले माह के अंत तक काम शुरू होने की उम्मीद है।
हिमांशु धवल
राजसमंद. जिले के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब सरकारी दफ्तरों में भी सोलर प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे बिजली का उत्पादन बढ़ेगा और बिजली के बिल में भी बचत होगी। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। अगले माह के अंत तक सोलर प्लांट लगाने का काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे प्रतिवर्ष 45 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। प्रदेश में सभी सरकारी कार्यालयों की छतों पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे बिजली के बिल के भुगतान में बचत के साथ डिस्कॉम को बिजली मिलेगी। इसके लिए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (आरआरईसीएल) की ओर से राजसमंद और भीलवाड़ा जिले के लिए मैसर्स प्रताप टेक्नोक्रेट लिमिटेड जयपुर की फर्म को जिम्मेदारी सौंपी गई है। फर्म की ओर से राजसमंद में प्रथम चरण के तहत सरकारी विभागों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के पश्चात सरकारी कार्यालयों पर सोलर प्लांट लगाने का काम प्रारंभ होगा। जानकारों की मानें तो अभी तक 6-7 सरकारी विभागों को सर्वे पूरा हो गया है। सर्वे में सोलर प्लेट कितनी लगेगी, कितने किलोवाट का कनेक्शन लगेगा, लगाने के लिए स्थान का चयन आदि शामिल है। ऐसे में अब अगले माह के अंत तक सरकारी कार्यालय पर प्लांट लगने का काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला मुख्यालय, उपखण्ड स्तर, पंचायत समिति स्तर और ग्राम पंचायत स्तर सहित जिले के सभी छोटे-बड़े सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा उपकरण लगाए जाएंगे। ऐसे में 96 भवनों पर 3.5 मेगावाट के सौर ऊर्जा के प्लांट लगाए जाएंगे। इन पर सौलर प्लांट लगने पर बिजली का उत्पादन शुरू होगा। इससे कुछ बिजली सरकारी विभागों के काम आएगी और शेष बिजली डिस्कॉम में चली जाएगी। इससे प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढ़ेगा।
सरकारी दफ्तरों में लगने वाले सौर ऊर्जा उपकरण के रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होगी। प्लांट लगने के बाद से आगामी 25 वर्ष तक उसका रख-रखाव और संचालन आदि का कार्य फर्म को ही करना है। प्लांट से नियमित और क्षमता के अनुसार बिजली उत्पादन के लिए समय-समय पर सार संभाल आवश्यक होती है।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड की ओर से राजसमंद और भीलवाड़ा जिले के सरकारी दफ्तरों में सोलर प्लांट लगाने की जिम्मेदारी एक ही फर्म को सौंपी गई है। दोनों जिले में 200 से अधिक सरकारी विभागों में सौर ऊर्जा उपकरण लगाए जाएंगे। दोनों जिलो में 6.5 मेगावाट के प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत राजसमंद जिले में 3.5 मेगावाट के सोलर ऊर्जा के प्लांट लगाए जाना प्रस्तावित है।
जिले के सरकारी दफ्तरों पर 3.5 मेगावाट के प्लांट लगाए जाएंगे। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड की ओर से कार्य करवाया जाएगा। इसके लिए संबंधित फर्म की ओर से सर्वे कार्य किया जा रहा है। इसके बाद प्लांट आदि लगाए जाएंगे।