बड़गांव वन खंड में मंगलवार तड़के एक नर पैंथर ने दो पैंथर शावक को मार डाला, वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों पैंथर शावक लगभग एक वर्ष के है, एक नर तो एक मादा है। और इसीलिए उनको नर पैंथर ने मार डाला।
Rajasthan: राजसमंद में कुंभलगढ़ नेशनल पार्क से मंगलवार को एक बुरी खबर आई है। मंगलवार तड़के पैंथर के दो शावकों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बड़गावं वन खंड में तैनात विभाग के अफसर घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों शावकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए हैं।
कुंभलगढ़ नेशनल पार्क के सामाजिक वानिकी स्थिति बड़गांव वन खंड में मंगलवार तड़के एक नर पैंथर ने दो पैंथर शावक को मार डाला, वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों पैंथर शावक लगभग एक वर्ष के है, एक नर तो एक मादा है। और इसीलिए उनको नर पैंथर ने मार डाला। वन विभाग फिलहाल इसे वर्चस्व की लड़ाई मान रहा है।
दोनों शावकों की गर्दन पर गहरे घाव पाए गए हैं।
बड़गांव वन खंड में पैंथर के दो शावकों के मिलने की सूचना से पहले तो शिकारियों की वन क्षेत्र में घुसपैठ होने की आशंका हुई। लेकिन मौके पर पहुंचे वन अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर प्रथमदृष्टया इसे वर्चस्व की लड़ाई को लेकर हुए संघर्ष में मौत होने होने की बात कही है। वन विभाग ने दोनों पैंथर शावकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगे की जानकारी इसके बाद मिल पाएगी।
राजसमंद, उदयपुर, अलवर और सवाई माधोपुर जिले के राष्ट्रीय अभ्यारण्यों में भी वर्चस्व की लड़ाई में कई वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों की हाईवे पर वाहनों की चपेट में आने से पूर्व में मौत भी हुई है। वन्य क्षेत्र में कई बार भोजन पानी की कमी के चलते वन्यजीव हाईवे पर आकर काल कलवित हो चुके हैं। हालांकि वन विभाग वन क्षेत्र में पर्याप्त भोजन पानी की उपलब्धता होने का दावा कर रहा है। रणथंभौर नेशनल पार्क में पिछले माह बाघिन एरोहेड और नूरी के बीच टेरिटरी को लेकर भिड़ंत हो चुकी है।