जिला मुख्यालय सहित कई गांवों में अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचता है। गर्मी के कारण अब यहां पर टैंकर चलाने की कवायद की जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजे जा चुके हैं। वहां स्वीकृति मिलते ही एक अप्रेल से टैंकरों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा।
राजसमंद. जिले में गर्मी बढऩे के साथ पानी की मांग बढ़ती जा रही है। आगामी दिनों में पानी की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में जहां पर पानी नहीं पहुंच रहा है उन गांव-ढाणियों एवं अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए टैंकरों से पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजे गए हैं। एक अप्रेल से टैंकरों से पानी की सप्लाई की जानी प्रस्तावित है।
जिले में कई स्थानों पर पेयजल किल्लत है। अभी भी कई गांव और ढाणियों में पानी नहीं पहुंचता है। वहीं कई जगह पर नाममात्र का पानी पहुंचता है। गर्मी में पानी की मांग को पूरा करने के लिए जलदाय विभाग की ओर से प्रतिवर्ष टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। शहरी क्षेत्रों में कई जगह अंतिम छोर पर पानी का प्रेशर बहुत कम हो जाता है। ऐसे में इन स्थानों पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाती है। इसके लिए जलदाय विभाग ने प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा हैं। वहां से स्वीकृति मिलने पर एक अप्रेल से टैंकरों से पानी की सप्लाई प्रारंभ की जाएगी, जो अगस्त तक जारी रहेगी। इस पर करीब 310.23 लाख रुपए खर्च होना प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि राजसमंद में राजसमंद झील से शहरी क्षेत्र में और नाथद्वारा के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बाघेरी के नाके से पानी की सप्लाई की जाती है।
जलदाय विभाग के अनुसार जिले में 312 गांव और 326 ढाणी एवं मजरों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से आमेट, देवगढ़ और भीम के सर्वाधिक गांव है। ग्रामीण क्षेत्रों में 248.56 लाख रुपए खर्च होना प्रस्तावित है। इसी प्रकार कांकरोली, नाथद्वारा, भीम, देवगढ़ और आमेट के शहरी क्षेत्र जहां पर अंतिम छोर पर पानी नहीं पहुंचता है। वहां पर टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाएगी। इस पर 61.67 लाख रुपए खर्च होना प्रस्तावित है।
जिले में भीम-देवगढ़ चम्बल प्रोजेक्ट के तहत पानी लाने का कार्य जारी है। इस पर 1082.07 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उक्त योजना के पूरा होने पर भीम देवगढ़ विधानसभा की 54 ग्राम पंचायतों के 275 गांवों और 827 मजरों में पानी को पहुंचेगा। उक्त प्रोजेक्ट के तहत उच्च जलाशय और पाइप लाइन आदि बिछाए जाने का कार्य जारी है। काम के पूरा होने पर भीम-देवगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र सर्वाधिक लाभान्वित होंगे।
जिले में जिन स्थानों पर पेयजल किल्लत है वहां पर टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। एक अप्रेल से सप्लाई प्रारंभ किए जाना प्रस्तावित है।