राजसमंद. जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर सहित पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, आरएसआरडीसी, पुलिस, परिवहन एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पीडब्ल्यूडी एसई […]
राजसमंद. जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर सहित पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, आरएसआरडीसी, पुलिस, परिवहन एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पीडब्ल्यूडी एसई एवं सदस्य सचिव आर.एल. मेहता ने बताया कि बैठक की शुरुआत 25 फरवरी को आयोजित पिछली बैठक की अनुपालना रिपोर्ट से हुई।
इसके बाद जिला कलक्टर ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी कार्रवाई का विवरण संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत करें, जिससे उपलब्धि एवं प्रगति स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो सके। कलक्टर ने वर्ष 2026-27 के जिला सड़क सुरक्षा प्लान के निर्माण हेतु सभी विभागों को तीन दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही ई-डार पोर्टल पर सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित डेटा एवं साइट रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देते हुए चिकित्सा एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटना में घायलों की सूचना पोर्टल पर दर्ज कर उन्हें योजना का लाभ दिलाते हुए त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाए।
योजना के तहत 13 फरवरी 2026 से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए परिवहन एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर स्पीड, बिना नंबर प्लेट एवं बिना रिफ्लेक्टर वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित चालकों के लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण तक की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके साथ ही सड़क सुरक्षा कार्यशालाएं व जनजागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने, राजमार्गों से अतिक्रमण व अवैध पार्किंग हटाने, संकेतक एवं सूचना बोर्ड लगाने तथा टोल फ्री नंबर 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा विभाग को 45 वर्ष से अधिक आयु के चालकों के लिए नेत्र परीक्षण अभियान चलाने तथा शिक्षा विभाग को नए सत्र में स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा क्लब गठित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।