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बहुद्देश्यीय पशु चिकित्सालय के लिए एक करोड़ रुपए की स्वीकृति, अब राहत के द्वार खुल गए

खबर का असर… राजसमंद. अब राजसमंद में बहद्देश्यीय पशु चिकित्सालय बनने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से इसको लेकर कवायद की जा रही थी। लेकिन डूबती बजट घोषणा के लिए अब राहत के द्वार खुल गए हैं। निदेशालय पशुपालन विभाग ने इस संबंध में एक करोड़ रूपए राशि जारी करने के आदेश […]

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Rajsamand animal hospital news

Rajsamand animal hospital news

खबर का असर...

राजसमंद. अब राजसमंद में बहद्देश्यीय पशु चिकित्सालय बनने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से इसको लेकर कवायद की जा रही थी। लेकिन डूबती बजट घोषणा के लिए अब राहत के द्वार खुल गए हैं। निदेशालय पशुपालन विभाग ने इस संबंध में एक करोड़ रूपए राशि जारी करने के आदेश कर दिए हैं। गौरतलब है कि पूर्व में इसके निर्माण के लिए चार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन विभाग ने इसे स्वीकार नहीं किया तो फिर संशोधित प्रस्ताव बनाकर दो करोड़ का भेजा गया था। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने 26 मार्च के अंक में राजनीतिक अखाड़े में फंसा पशु चिकित्सालय, जनता देख रही तमाशा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद वित्त विभाग ने इसकी अनुमति जारी कर एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। जानकारी मुताबिक 15 अप्रेल के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र के पशुपालकों को काफी राहत मिलेगी।

2021 में नाथद्वारा हुआ था स्थानांतरित

शहर के धोइंदा में प्रस्तावित बहुद्देश्यीय पशु चिकित्सालय कांग्रेस शासनकाल में नाथद्वारा स्थानांतरित करने का फैसला किया गया था। लेकिन भाजपा की सरकार नहीं होने के कारण उस पर कोई निर्णय नहीं हो सका। भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया, बाजार भी बंद करवाए, लेकिन हल नहीं निकल पाया। अब जब भाजपा सत्ता में आई तो इसको वापस राजसमंद में खुलवाने की घोषणा की गई। जमीन का आवंटन भी किया गया। लेकिन चुप्पी के चलते आवंटित जमीन पर अतिक्रमण हो गए। लेकिन सरकार ने अब इसके लिए एक करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं।

अब गंदे प्रशासन के पाले में

चिकित्सालय के लिए रूपए स्वीकृत होने के बाद अब इस जमीन पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शीघ्र ही अंजाम दी जाएगी। ऐसे में अब गेंद जिला प्रशासन के पाले में आ गई है। गौरतलब है कि पूर्व में धोइंदा में 4.15 बीघा जमीन इस परियोजना के लिए चिन्हित की गई थी। प्रशासन ने एक-दो बार कार्रवाई की, पर कब्जे फिर लौट आए। जानकारी के अनुसार 2019 में जमीन मिली, 2023 में बजट आया, 2025 में 3.76 करोड़ का प्रस्ताव बना लेकिन 2026 में भी हालात नहीं बदले। लेकिन अब चिकित्सालय को शीघ्र ही धरातल पर लाने का काम शुरू किया जाएगा। जानकारी के अनुसार विधायक दीप्ति माहेश्वरी भी इसको लेकर सदन में मामला उठा चुकी हैं।

इनका कहना है

बहुद्देश्यीय पशु चिकित्सालय को लेकर प्रस्ताव को अनुमति मिल गई है। इस संबंध में निदेशालय ने एक करोड़ रुपए की अनुमति प्रदान कर दी है। निदेशक ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं।

शक्तिसिंह, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, राजसमंद