
राजसमंद. राजसमंद जिले को मंगलवार को नया जिला कलेक्टर मिला। आईएएस अरुण कुमार हसीजा ने परंपरागत और समर्पित अंदाज में अपना पदभार ग्रहण किया। पद संभालने से पहले उन्होंने नाथद्वारा स्थित प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन किए और देव आशीर्वाद के साथ जनसेवा की शुरुआत की।
राजसमंद जिला कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को एक नई ऊर्जा का संचार हुआ जब आईएएस अरुण कुमार हसीजा ने जिले के कलेक्टर के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला। इस मौके पर एडीएम नरेश बुनकर, एसडीएम बृजेश गुप्ता, प्रशिक्षु आरएएस लतिका पालीवाल समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। हसीजा ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 24 जून से शुरू हुए 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय सम्बलपखवाड़े' के तहत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविरों का आयोजन हो रहा है, जिनके माध्यम से जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।
हसीजा ने कहा कि राजसमंद केवल ऐतिहासिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध जिला है। नाथद्वारा, कुंभलगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजातियों की आबादी निवास करती है। कलेक्टर ने उनके सर्वांगीण विकास और जीवन-स्तर सुधार के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही।उन्होंने यह भी बताया कि वे जिले में केंद्र और राज्य सरकार की समस्त योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। विशेष रूप से उन्होंने औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही।
हसीजा ने स्पष्ट किया कि राजसमंद झील, जो इस जिले की पहचान है, उसकी केचमेंट एरिया में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि झील में प्राकृतिक जल प्रवाह बना रहे और झील का पारिस्थितिक संतुलन बरकरार रहे।
पदभार ग्रहण के तुरंत बाद कलेक्टर हसीजा ने जिला कलक्ट्रेट के हर कक्ष, अनुभाग और प्रभाग का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक विभाग में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की और कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कामकाज में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अरुण हसीजा ने पदभार ग्रहण करने से पहले नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। उनके साथ एसडीएम और मंदिर मंडल की सीईओ रक्षा पारीक, सीआई मोहन सिंह, और मंदिर मंडल के अधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित उपस्थित रहे। श्रीकृष्ण भंडार अधिकारी सुधाकर उपाध्याय ने उन्हें पारंपरिक उपरना ओढ़ाकर और प्रसाद भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर की नई दर्शन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी भी उन्हें दी गई। नाथद्वारा में कार्यकाल के दौरान किए गए अपने नवाचारों को याद करते हुए हसीजा ने कहा कि उन्हें इस क्षेत्र से विशेष आत्मीयता है।
नाथद्वारा में हसीजा ने पूर्व पालिका उपाध्यक्ष नवनीत सोनी से मुलाकात की और नगर की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उन्होंने कचरा संग्रहण, वार्ड परिसीमन, और मतदाता संख्या जैसे मुद्दों पर जानकारी ली। नवनीत सोनी ने अवगत कराया कि फिलहाल शहर में टिपर और बाइक के माध्यम से कचरा संग्रहण हो रहा है। हसीजा ने यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया कि सफाई व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाया जाएगा।
नाथद्वारा में एसडीएम रहते हुए हसीजा ने कई नवाचारपूर्ण कदम और राजस्व शिविरों का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि वे उस अनुभव को अब जिला प्रशासन के व्यापक दायरे में लागू करेंगे।